Thursday 19-Feb-2026

परीक्षा नहीं, एक चैलेंज है! पीएम मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' में दिए सफलता के मंत्र |

परीक्षा नहीं, एक चैलेंज है! पीएम मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' में दिए सफलता के मंत्र |

पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को 'परीक्षा पे चर्चा' के दौरान 10वीं और 12वीं के छात्रों के साथ सीधा संवाद किया और उन्हें परीक्षा से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के टिप्स दिए। इस खास सेशन में उन्होंने ध्यान केंद्रित करने, टाइम मैनेजमेंट, प्रेशर से निपटने और सेहत का ध्यान रखने जैसी महत्वपूर्ण बातों पर चर्चा की।पीएम मोदी ने कहा कि परीक्षा को लेकर अनावश्यक दबाव लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने इसे क्रिकेट से जोड़ते हुए समझाया— "स्टेडियम में कितना भी शोर हो, एक अच्छा बल्लेबाज सिर्फ बॉल पर ध्यान देता है, न कि दर्शकों की आवाज पर।" ठीक उसी तरह, छात्रों को भी सिर्फ अपनी पढ़ाई पर फोकस करना चाहिए, न कि नंबरों के प्रेशर पर।लक्ष्य ऐसा बनाएं जो आपकी पहुंच में हो, लेकिन इतना आसान भी न हो कि मेहनत की जरूरत ही न पड़े।

अगर आपका टारगेट 95% अंक लाने का था और आपको 93% मिलते हैं, तो इसे असफलता न मानें। यह भी एक बड़ी उपलब्धि है!

खुद को प्रेरित करने के लिए छोटे-छोटे टारगेट सेट करें और उन्हें पूरा करने पर खुद को इनाम दें।पीएम ने छात्रों को समय का सही इस्तेमाल करने की सलाह दी।

 

पढ़ाई का सही शेड्यूल बनाएं और पिछले साल के प्रश्न पत्र हल करें। इससे परीक्षा के पैटर्न की समझ बनेगी और पेपर छूटने का डर खत्म होगा।

प्राणायाम और मेडिटेशन से दिमाग शांत रहेगा और ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, सेहत का ध्यान रखना भी बहुत जरूरी है। उन्होंने छात्रों को खाने की आदतों पर ध्यान देने की सलाह दी—

 

भोजन को कम-से-कम 32 बार चबाएं, ताकि पाचन सही हो और शरीर को पूरा पोषण मिले।

समय पर सोना और भरपूर नींद लेना बहुत जरूरी है, वरना याद करने की क्षमता पर असर पड़ेगा।

हंसी भी एक थेरेपी है! घर में लाफ्टर थेरेपी अपनाएं, इससे दिमाग फ्रेश रहेगा।गया, बिहार के एक छात्र विराज कुमार ने प्रधानमंत्री से लीडरशिप को लेकर सवाल पूछा। इस पर पीएम ने कहा, "लीडरशिप का मतलब सिर्फ कुर्ता-पायजामा पहनकर भाषण देना नहीं, बल्कि सबको साथ लेकर चलना होता है"।

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