Sunday 14-Dec-2025

कोरोना की भारत में बढ़ते मामले, नया वेरिएंट JN.1 और एशिया में नई लहर की आशंका

कोरोना की भारत में बढ़ते मामले, नया वेरिएंट JN.1 और एशिया में नई लहर की आशंका

इंपैक्ट लाइव टीम पटना :- कोरोना वायरस (कोविड 19), जिसने 2020 में वैश्विक महामारी का रूप लिया था, एक बार फिर चर्चा में है। दक्षिण-पूर्व एशिया, विशेष रूप से हांगकांग और सिंगापुर में कोविड-19 के मामलों में तेजी से वृद्धि ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। भारत में भी हाल के हफ्तों में नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 19 मई 2025 तक देश में कोविड-19 के 257 सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 164 नए मामले पिछले एक हफ्ते में सामने आए हैं।

भारत में कोविड-19 के मामले धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं, खासकर केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, तमिलनाडु, और पुडुचेरी जैसे राज्यों में। केरल में वर्तमान में 95 सक्रिय मामले हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। मुंबई में भी हाल के दिनों में 53 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें एक नवजात शिशु भी शामिल है। पुडुचेरी में मंगलवार को 12 लोग कोविड-19 से संक्रमित पाए गए। इसके अलावा, बिग बॉस 18 की प्रतियोगी शिल्पा शिरोडकर भी सोमवार को कोविड पॉजिटिव पाई गईं, जिसने भारत में वायरस की वापसी की आशंकाओं को और बढ़ा दिया।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि भारत में स्थिति अभी नियंत्रण में है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। मंत्रालय ने लोगों से मास्क पहनने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और टीकाकरण की सलाह दी है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सरकार को चेतावनी दी है कि समय रहते कोरोना के नियंत्रण और रोकथाम के लिए कदम उठाने की जरूरत है।हाल के मामलों में कोविड-19 के नए वेरिएंट JN.1 की मौजूदगी ने चिंता बढ़ा दी है। यह वेरिएंट, जो ओमिक्रॉन का एक उप-वेरिएंट है, सिंगापुर और हांगकांग में तेजी से फैल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, JN.1 अत्यधिक संक्रामक है और यह टीके की प्रभावशीलता को कुछ हद तक कम कर सकता है। हालांकि, भारत में अभी तक इस वेरिएंट के बड़े पैमाने पर प्रसार की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसे गंभीरता से लिया है।डॉक्टर्स ने बताया कि JN.1 वेरिएंट से बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अधिक खतरा है। इसके लक्षणों में बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ, और थकान शामिल हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग नियमित रूप से हाथ धोएं, भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें, और बूस्टर डोज लें।

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