Thursday 25-Jun-2026

तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बी मिलाने की पुष्टि, क्या एक्शन लेगी मोदी सरकार? जानिए

तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बी मिलाने की पुष्टि, क्या एक्शन लेगी मोदी सरकार? जानिए

नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।

आंध्र प्रदेश में तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद को लेकर सियासत गर्म है। प्रसाद के निर्माण में होने वाले घी की जांच रिपोर्ट में मछली के तेल और जानवरों की चर्बी मिलाने के इस्तेमाल की जाने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद से देशभर में बवाल मचा हुआ है। इस मामले को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि आज ही मैंने चंद्रबाबू नायडू से बात की है। मैंने उनसे रिपोर्ट मांगी है। तिरुपति प्रसादम विवाद पर उन्होंने कहा कि इस मामले पर मैंने आज ही चंद्रबाबू नायडू से बात की है। मैंने उनसे कहा है कि आप के पास जो रिपोर्ट है, उसे भेज दे। हम उनकी जांच करेंगे। इसकी जांच FSSAI करेगी। हम राज्य सरकार की तरफ से रिपोर्ट मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

इस बीच जांच रिपोर्ट में पुष्टि के बाद विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है, हालांकि पहले सत्ता में रही वाईएसआर कांग्रेस के नेता ने आरोपों से इनकार किया है। नायडू के शुरुआती आरोपों के बाद अब विहिप ने कहा है कि तिरुपति लड्डू बनाने में पशु चर्बी का इस्तेमाल गंभीर मामला है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू को इस मामले में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। तिरुपति बालाजी मंदिर में रोज़ाना करीब 50,000 से एक लाख लोग दर्शन करते हैं। विशेष मौकों पर यह संख्या एक लाख से ज़्यादा हो जाती है।

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दरअसल,आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को कहा था कि पिछली सरकार के दौरान तिरुमला लड्डू को बनाने में शुद्ध घी की बजाय जानवरों की चर्बी वाला घी इस्तेमाल किया जाता था। जगन मोहन रेड्डी की पार्टी ने नायडू की टिप्पणी पर विरोध जताया और आरोपों को ख़ारिज कर दिया।

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