इम्पैक्ट लाइव: 15 दिन पहले पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा निर्दोष भारतीय पर्यटकों पर किए गए हमले का भारत ने निर्णायक उत्तर दे दिया है। "ऑपरेशन सिंदूर" नामक सैन्य अभियान के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने 6 और 7 मई की दरम्यानी रात पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (पीओके) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों को सटीक ड्रोन और मिसाइल हमलों से तबाह कर दिया।यह कार्रवाई रात 1:05 से 1:30 बजे के बीच अंजाम दी गई, जिसमें मुरीदके, सियालकोट, बहावलपुर, भिंबर (पीओके), कोटली (पीओके) और अन्य क्षेत्रों में आतंकी ढांचे को लक्ष्य बनाया गया। इन हमलों में अत्याधुनिक हथियारों का प्रयोग करते हुए आतंकवादियों की कमर तोड़ दी गई। सेना ने स्पष्ट शब्दों में कहा "इंसाफ पूरा हुआ।" बुधवार सुबह 10:30 बजे, विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री, कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन की जानकारी साझा की। पहली बार किसी सैन्य ऑपरेशन की जानकारी महिला अधिकारियों द्वारा दी गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत एक वीडियो से की गई, जिसमें संसद हमले से लेकर पहलगाम आतंकी हमले तक पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों को दिखाया गया। विदेश सचिव ने बताया कि लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों द्वारा प्रशिक्षित आतंकियों ने 26 लोगो की हत्या की, जिनमें से अधिकतर को उनके परिजनों के सामने मारकर आतंक फैलाने की कोशिश की गई। इस नृशंसता का उद्देश्य सांप्रदायिक तनाव भड़काना था, लेकिन भारत की जनता ने समझदारी और एकजुटता से आतंकवादियों की साजिश को नाकाम कर दिया। सरकार ने यह स्पष्ट किया कि भारत अब चुप नहीं बैठेगा, यह कार्रवाई आतंक के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" नीति का परिचायक है और इसका उद्देश्य न केवल बदला लेना था, बल्कि भविष्य में ऐसे हमलों की संभावना को भी जड़ से खत्म करना है।