इम्पैक्ट लाइव टीम
भारत सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, स्वदेशी जेनरेटिव AI मॉडल विकसित करने की घोषणा की है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्कर्ष ओडिशा कॉन्क्लेव के दौरान बताया कि ओडिशा में AI डेटा सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, जो AI कंप्यूट फैसिलिटी द्वारा संचालित होंगे। इन केंद्रों के लिए 18,000 GPU (ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) प्राप्त किए गए हैं, जो भारत की भाषाई, आर्थिक और सामाजिक आवश्यकताओं को पूरा करने वाले लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) के विकास में सहायक होंगे।
सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, शासन और आर्थिक क्षेत्रों में AI का व्यापक उपयोग करना है, जिससे इन क्षेत्रों में सुधार और दक्षता बढ़ाई जा सके। इस पहल के माध्यम से भारत AI के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति मजबूत करेगा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में शामिल होगा।
इस घोषणा के समय, चीनी AI कंपनी डीपसीक के नए मॉडल 'डीपसीक-आर1' की भी चर्चा हो रही है, जिसने अपनी तर्क क्षमताओं के लिए ध्यान आकर्षित किया है। डीपसीक का AI असिस्टेंट ऐपल के आईफोन स्टोर पर सबसे अधिक डाउनलोड किया जाने वाला मुफ्त ऐप बन गया है, जिससे अमेरिकी शेयर बाजार में भी प्रभाव देखा गया। डीपसीक का दावा है कि उसका मॉडल ओपनएआई के चैटजीपीटी और गूगल के जेमिनी जैसे मॉडलों के समकक्ष है, और यह तुलनात्मक रूप से अधिक किफायती भी है।
भारत का स्वदेशी AI मॉडल देश की विविध भाषाओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाएगा, जिससे यह देश की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होगा। इस पहल से भारत AI के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर होगा और वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत करेगा।