Thursday 19-Feb-2026

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025: कंप्यूटराइज्ड लॉटरी से चयनित 750 यात्री, जून से अगस्त तक दो मार्गों से होगी यात्रा

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025: कंप्यूटराइज्ड लॉटरी से चयनित 750 यात्री, जून से अगस्त तक दो मार्गों से होगी यात्रा

इम्पैक्ट लाइव टीम
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजितकैलाश मानसरोवर यात्राइस वर्षजून 2025 से अगस्त 2025 तक संपन्न होगी। इस बात की जानकारी विदेश राज्य मंत्रीकीर्ति वर्धन सिंहने दी। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के लिए कुल5561 आवेदनप्राप्त हुए थे, जिनमें4024 पुरुषऔर1537 महिलाएंशामिल थीं। यात्रियों का चयन एककंप्यूटरीकृत लॉटरी प्रणालीके माध्यम से किया गया, जो पूरी तरह निष्पक्ष, यादृच्छिक और लिंग संतुलन को ध्यान में रखते हुए संचालित हुई। इस प्रक्रिया के तहत750 यात्रियोंको यात्रा पर जाने का अवसर मिला है। हरबैच में 50 यात्रीहोंगे, जिनके साथ दोलॉजिस्टिक अधिकारी (एलओ)भी रहेंगे।

 

इस वर्ष यात्रादो मार्गोंसे आयोजित की जाएगी। पहला मार्गउत्तराखंड के लिपुलेख दर्रेसे होकर जाएगा, जहां सेपांच बैचभेजे जाएंगे। दूसरा मार्गसिक्किम के नाथू ला दर्रेसे होकर निर्धारित किया गया है, जहां सेदस बैचयात्रा करेंगे। दोनों मार्ग अबपूरी तरह मोटरेबल (वाहनों से जाने योग्य)बन चुके हैं, जिससे यात्रियों को पहले की तुलना में बहुत कम पैदल यात्रा करनी होगी। इससे यात्रा अब अधिकआरामदायक, सुरक्षित और सुलभहो गई है।

भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजितकैलाश मानसरोवर यात्राइस वर्षजून 2025 से अगस्त 2025 तक संपन्न होगी। इस बात की जानकारी विदेश राज्य मंत्रीकीर्ति वर्धन सिंहने दी। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के लिए कुल5561 आवेदनप्राप्त हुए थे, जिनमें4024 पुरुषऔर1537 महिलाएंशामिल थीं। यात्रियों का चयन एककंप्यूटरीकृत लॉटरी प्रणालीके माध्यम से किया गया, जो पूरी तरह निष्पक्ष, यादृच्छिक और लिंग संतुलन को ध्यान में रखते हुए संचालित हुई। इस प्रक्रिया के तहत750 यात्रियोंको यात्रा पर जाने का अवसर मिला है। हरबैच में 50 यात्रीहोंगे, जिनके साथ दोलॉजिस्टिक अधिकारी (एलओ)भी रहेंगे।

इस वर्ष यात्रादो मार्गोंसे आयोजित की जाएगी। पहला मार्गउत्तराखंड के लिपुलेख दर्रेसे होकर जाएगा, जहां सेपांच बैचभेजे जाएंगे। दूसरा मार्गसिक्किम के नाथू ला दर्रेसे होकर निर्धारित किया गया है, जहां सेदस बैचयात्रा करेंगे। दोनों मार्ग अबपूरी तरह मोटरेबल (वाहनों से जाने योग्य)बन चुके हैं, जिससे यात्रियों को पहले की तुलना में बहुत कम पैदल यात्रा करनी होगी। इससे यात्रा अब अधिकआरामदायक, सुरक्षित और सुलभहो गई है।

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