Tuesday 20-Jan-2026

मालदीव में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में होंगे मुख्य अतिथि

मालदीव में पीएम मोदी का भव्य स्वागत, 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में होंगे मुख्य अतिथि

इंपैक्ट लाइव टीम पटना :भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को मालदीव की राजधानी माले पहुंचे, जहां उनका भव्य और गर्मजोशी भरा स्वागत किया गया। यह उनकी दो देशों की यात्रा का दूसरा चरण है, जिसमें वह मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने वेलाना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पीएम मोदी की अगवानी की, जिसमें विदेश मंत्री, रक्षा मंत्री, वित्त मंत्री और गृह सुरक्षा मंत्री सहित कई वरिष्ठ मंत्रियों ने भी हिस्सा लिया। यह स्वागत मालदीव सरकार द्वारा भारत के साथ संबंधों को दी जा रही अहमियत को दर्शाता है।

माले शहर को पीएम मोदी के स्वागत के लिए उत्सवपूर्ण ढंग से सजाया गया था। शहर में भारतीय झंडे, रंग-बिरंगे बैनर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक स्वागत के संदेश वाले पोस्टर लगाए गए। कुछ पोस्टरों में पीएम मोदी की तस्वीरें भी थीं। बच्चों ने मोदी की तस्वीरों और चित्रों के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत किया, जिसने इस स्वागत को और भी खास बना दिया। माले पहुंचने पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, माले में उतरा हूं। राष्ट्रपति मुइज्जू द्वारा हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत से बहुत प्रभावित हूं। मुझे विश्वास है कि भारत-मालदीव मित्रता आने वाले समय में नई ऊंचाइयों को छुएगी।” यह यात्रा भारत और मालदीव के बीच राजनयिक संबंधों के 60वें वर्ष के अवसर पर हो रही है, जो इसे और भी महत्वपूर्ण बनाती है।मोदी 25-26 जुलाई को मालदीव में रहेंगे और इस दौरान राष्ट्रपति मुइज्जू के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वे भारत द्वारा सहायता प्राप्त कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और दोनों देशों के बीच व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे। यह यात्रा भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और ‘महासागर’ (MAHASAGAR - Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) दृष्टिकोण को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह यात्रा भारत और मालदीव के बीच संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ का प्रतीक है, जो पिछले डेढ़ साल में तनावपूर्ण रहे थे। 2023 में राष्ट्रपति मुइज्जू के सत्ता में आने के बाद उनकी ‘इंडिया आउट’ नीति और भारतीय सैन्य कर्मियों की वापसी की मांग ने दोनों देशों के बीच तनाव पैदा किया था। जनवरी 2024 में मालदीव के कुछ मंत्रियों द्वारा पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों ने स्थिति को और जटिल कर दिया था, जिसके बाद भारत में बॉयकॉट मालदीव अभियान शुरू हुआ था।हालांकि, हाल के महीनों में दोनों देशों ने संबंधों को सुधारने की दिशा में कदम उठाए हैं। मुइज्जू की अक्टूबर 2024 में भारत यात्रा और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की मालदीव यात्रा ने रिश्तों को पुनर्जनन दिया। मालदीव के आर्थिक संकट के बीच भारत ने $750 मिलियन का करेंसी स्वैप समझौता और 700 घरों की परियोजना जैसी सहायता प्रदान की।26 जुलाई को पीएम मोदी मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह पहली बार है जब मुइज्जू के कार्यकाल में किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को इस आयोजन में आमंत्रित किया गया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इसे दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग का प्रतीक बताया।माले में भारतीय समुदाय ने पीएम मोदी के स्वागत में जोरदार उत्साह दिखाया। हवाई अड्डे के पास ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे गूंजे। भारतीय प्रवासियों ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया और मालदीव में भारत के योगदान को सराहा।

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