Wednesday 18-Feb-2026

संसद में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर हंगामा

संसद में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर हंगामा

इंपैक्ट लाइव टीम पटना :-संसद के मानसून सत्र 2025 में ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर तीखी बहस और हंगामा देखने को मिला। यह सत्र 21 जुलाई से शुरू हुआ और शुरुआत से ही गतिरोध का माहौल रहा। विपक्ष ने इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की, जबकि सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला बताते हुए खुली बहस के लिए सहमति दी। दोनों सदनों में 16-16 घंटे की चर्चा तय हुई, जिसने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक को जन्म दिया।28 जुलाई को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष से शांत रहने और चर्चा में भाग लेने की अपील की, लेकिन हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी। सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्यवाही को पहले 12 बजे, फिर दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित किया गया। विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे जैसे मुद्दों को भी उठाया, जिसने हंगामे को और बढ़ावा दिया।

लोकसभा में चर्चा दोपहर 2:05 बजे शुरू हुई और रात 12:52 बजे तक चली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बहस की शुरुआत की और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर जोर देते हुए कहा, मैं सभी दलों का आभार व्यक्त करता हूं कि वे इस चर्चा के लिए तैयार हैं। मैं उन सैनिकों को नमन करता हूं जिन्होंने भारत की एकता-अखंडता के लिए बलिदान दिया।उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि वे ऑपरेशन की सफलता पर सवाल उठाने के बजाय यह पूछें कि क्या भारत ने आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, जिसका जवाब है ‘हां’।विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर और पहलगाम हमले को लेकर कई सवाल उठाए। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पूछा, पहलगाम में आतंकी कैसे घुसे? सीजफायर की क्या शर्तें थीं?हरियाणा से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, अगर पाकिस्तान घुटनों पर था, तो सीजफायर की क्या जरूरत थी?विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया कि क्या ऑपरेशन के दौरान भारत ने कोई लड़ाकू विमान खोया, विशेष रूप से राफेल विमान को लेकर। लुधियाना से कांग्रेस सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने सदन में एक फोटो दिखाते हुए दावा किया कि पंजाब में राफेल का हिस्सा गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई और नौ लोग घायल हुए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवाब में कहा, विपक्ष गलत सवाल पूछ रहा है। उन्हें यह पूछना चाहिए कि क्या हमारी सेनाओं ने आतंकियों के ठिकानों को नष्ट किया? क्या ऑपरेशन सिंदूर सफल रहा? इसका जवाब है हां।गृह मंत्री अमित शाह ने भी विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा, पहलगाम हमले के तीन आतंकियों—सुलेमान, अफगान और जिबरान—को ऑपरेशन महादेव के तहत ढेर कर दिया गया।विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीजफायर में भूमिका के दावों को खारिज करते हुए कहा, 22 अप्रैल से 17 जून तक पीएम मोदी और ट्रंप के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। सीजफायर में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी।उन्होंने यह भी बताया कि संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों में से केवल तीन देशों ने ऑपरेशन सिंदूर का विरोध किया, जबकि पाकिस्तान ने टीआरएफ जैसे आतंकी संगठनों का बचाव किया।कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर ऑपरेशन सिंदूर की पारदर्शिता और पहलगाम हमले में खुफिया नाकामी को लेकर सवाल उठाए। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव जैसे नेताओं ने चर्चा में हिस्सा लिया। राहुल गांधी ने कहा, मैंने राजनाथ सिंह का भाषण ध्यान से सुना। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि ऑपरेशन में क्या हुआ।

वहीं, शशि थरूर ने कांग्रेस की पार्टी लाइन से हटकर ऑपरेशन सिंदूर के समर्थन में बोलने का फैसला किया, जिससे पार्टी के भीतर मतभेद उजागर हुए। असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल उठाया, पाकिस्तान से न व्यापार, न पानी, तो क्रिकेट मैच क्यों?” विपक्ष ने यह भी मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चर्चा में शामिल हों और जवाब दें।29 जुलाई को पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर बयान दिया। पीएम मोदी ने कहा, ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य शक्ति और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का प्रतीक है।गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि ऑपरेशन 7 मई को रात 1:04 से 1:24 बजे के बीच किया गया और इसमें आतंकी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट किया गया।बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस नेताओं में होड़ है कि कौन पाकिस्तान का सबसे सगा है।केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर पाकिस्तान की भाषा बोलने का आरोप लगाया, जिस पर कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने पलटवार किया।

 

Advertisement

impact add4

Advertisement

impact add1