Monday 08-Dec-2025

ऑपरेशन सिंदूर: भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमले में उपयोग किए गए हथियार

ऑपरेशन सिंदूर: भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हमले में उपयोग किए गए हथियार

नई दिल्ली, 8 मई 2025: भारत ने 6-7 मई 2025 की रात को "ऑपरेशन सिंदूर" के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी शिविरों पर सटीक और प्रभावी हवाई हमले किए। यह अभियान 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया, जिसमें 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की बर्बर हत्या की गई थी। भारतीय सशस्त्र बलों ने इस ऑपरेशन में अत्याधुनिक हथियारों और तकनीकों का उपयोग किया, जिसने न केवल आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया, बल्कि भारत की सैन्य क्षमता और संयम को भी प्रदर्शित किया।

भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के संयुक्त अभियान ने 25 मिनट की अवधि में इन ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस ऑपरेशन की सफलता में उपयोग किए गए हथियारों की भूमिका महत्वपूर्ण थी, जिनमें फ्रांसीसी मूल की मिसाइलें, स्वदेशी ड्रोन और अन्य सटीक हथियार शामिल थे।

उपयोग किए गए प्रमुख हथियार

1. राफेल लड़ाकू विमान

ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों ने केंद्रीय भूमिका निभाई। फ्रांस से प्राप्त ये बहुउद्देशीय जेट अपनी उन्नत तकनीक और लंबी दूरी की मारक क्षमता के लिए जाने जाते हैं। राफेल की स्टील्थ विशेषताएं और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली ने इसे पाकिस्तानी रडार से बचने और सटीक हमले करने में सक्षम बनाया। इन विमानों ने लंबी दूरी की मिसाइलों को तैनात किया, जिससे भारतीय वायु क्षेत्र में रहते हुए ही गहरे लक्ष्यों को निशाना बनाया जा सका।

राफेल की उच्च गति और गतिशीलता ने इसे ऑपरेशन के लिए आदर्श बनाया। सूत्रों के अनुसार, राफेल विमानों ने बहावलपुर और मुरीदके जैसे लक्ष्यों पर हमले किए, जो पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से 100 किलोमीटर से अधिक अंदर थे।

2. स्कैल्प-ईजी (SCALP-EG) क्रूज मिसाइल

ऑपरेशन सिंदूर में उपयोग की गई सबसे महत्वपूर्ण मिसाइल थी फ्रांसीसी मूल की स्कैल्प-ईजी (सिस्टम डी क्रूज ऑटोनोम डी लॉन्ग पोर्टी - एम्प्लॉई जेनरल)। यह हवा से लॉन्च की जाने वाली क्रूज मिसाइल 500 किलोमीटर से अधिक की रेंज रखती है और गहरे लक्ष्यों पर सटीक हमले के लिए डिज़ाइन की गई है। स्कैल्प-ईजी की स्टील्थ विशेषताएं और कम ऊंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता इसे रडार से बचाने में मदद करती है।

3. एएएसएम हैमर (AASM HAMMER) प्रेसिजन-गाइडेड बम

राफेल विमानों से लॉन्च की गई एक अन्य महत्वपूर्ण हथियार प्रणाली थी एएएसएम हैमर (आर्ममेन्ट एयर-सोल मॉड्यूलेयर - हाइली एजाइल मॉड्यूलर मुनिशन एक्सटेंडेड रेंज)। यह प्रेसिजन-गाइडेड बम स्मार्ट बम की श्रेणी में आता है, जो जीपीएस और लेजर गाइडेंस का उपयोग करता है। हैमर की रेंज 70 किलोमीटर तक है, और यह गतिशील लक्ष्यों को भी सटीकता से नष्ट कर सकता है।

4. एलएमएस ड्रोन (Loitering Munitions Systems)

भारत ने ऑपरेशन में स्वदेशी रूप से विकसित लोइटरिंग मुनिशन सिस्टम (एलएमएस) ड्रोन का भी उपयोग किया, जिन्हें रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने डिज़ाइन किया है। ये ड्रोन लक्ष्य पर मंडराने और सटीक समय पर हमला करने की क्षमता रखते हैं। एलएमएस ड्रोन की लागत-प्रभावशीलता और सटीकता ने उन्हें आतंकी शिविरों को नष्ट करने के लिए आदर्श बनाया।

5. नागास्त्र ड्रोन

सूत्रों के अनुसार, भारत ने नागास्त्र-1 लोइटरिंग मुनिशन ड्रोन का भी उपयोग किया। यह स्वदेशी ड्रोन 15-30 किलोमीटर की रेंज और 100 किलोग्राम तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है। नागास्त्र की सटीकता और कम लागत ने इसे छोटे और मध्यम आकार के आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए प्रभावी बनाया। यह ड्रोन विशेष रूप से पीओके में आतंकी लॉन्चपैड्स को नष्ट करने के लिए उपयोगी साबित हुआ।

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