नई दिल्ली
मोदी सरकार ने एक बार फिर पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उसे एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में दोबारा शामिल कराने की योजना तैयार कर ली है। सूत्रों के अनुसार, भारत ने वैश्विक मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग की निगरानी संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) को इस संबंध में अहम जानकारियां और सबूत सौंप दिए हैं। भारत की ओर से एक विस्तृत डोजियर भेजा जाएगा, जिसमें पाकिस्तान की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी संगठनों को फंडिंग से जुड़ी संस्थाओं और व्यक्तियों की पूरी जानकारी दी जाएगी। जून में होने वाली एफएटीएफ की बैठक में भारतीय अधिकारी यह मुद्दा उठाएंगे और पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
गौरतलब है कि पाकिस्तान को पहली बार 2008 में ग्रे लिस्ट में डाला गया था और आखिरी बार अक्टूबर 2022 में उसे इस सूची से बाहर किया गया था, जब एफएटीएफ ने उसे काउंटर-टेरर फाइनेंसिंग में सुधार लाने की चेतावनी दी थी। भारत का मानना है कि पाकिस्तान ने अब भी आतंकी फंडिंग पर प्रभावी नियंत्रण नहीं पाया है और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। इस बार भारत पूरी तैयारी के साथ एफएटीएफ बैठक में भाग लेगा और पाकिस्तान को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय निगरानी के घेरे में लाने की कोशिश करेगा।