इम्पैक्ट लाइव टीम
रविवार, 1 जून 2025 को यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (एसबीयू) ने रूस के चार प्रमुख सैन्य हवाई अड्डों पर एक अभूतपूर्व ड्रोन हमले को अंजाम दिया, जिसमें 40 से अधिक रूसी सैन्य विमानों को नष्ट करने का दावा किया गया है। इस ऑपरेशन, जिसे "स्पाइडर वेब" नाम दिया गया, में 117 फर्स्ट-पर्सन-व्यू (एफपीवी) ड्रोन का उपयोग किया गया, जो रूस के अंदर ट्रकों में छिपाकर ले जाए गए थे। हमले में बेलाया, डायगिलेवो, ओलेन्या और इवानोवो जैसे हवाई अड्डों को निशाना बनाया गया, जो यूक्रेन की सीमा से हजारों किलोमीटर दूर हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को "शानदार" करार देते हुए कहा कि यह रूस की हवाई हमले की क्षमता को कमजोर करने में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस हमले में टीयू-95, टीयू-22एम3 और ए-50 जैसे रणनीतिक बमवर्षक विमानों को निशाना बनाया गया, जो रूस द्वारा यूक्रेन के शहरों पर मिसाइल हमलों के लिए नियमित रूप से उपयोग किए जाते हैं। एसबीयू के अनुसार, इस ऑपरेशन ने रूस के 34% रणनीतिक मिसाइल वाहक विमानों को नष्ट कर दिया, जिससे लगभग 7 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। हमले की योजना डेढ़ साल से अधिक समय से बनाई जा रही थी, और इसमें ड्रोन को लकड़ी के शेड में छिपाकर रूस के अंदर ले जाया गया, जिन्हें रिमोट कंट्रोल से खोला गया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने हमले की पुष्टि की, लेकिन दावा किया कि उन्होंने अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया, हालांकि कई विमानों में आग लगने की बात स्वीकारी।
यह हमला ऐसे समय में हुआ जब यूक्रेन और रूस के बीच इस्तांबुल में शांति वार्ता की तैयारी चल रही थी। यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने रूस पर शांति वार्ता के प्रति गंभीरता न दिखाने का आरोप लगाया, जबकि रूस ने यूक्रेन पर "आतंकवादी हमले" करने का आरोप लगाया। इस हमले को यूक्रेन की सैन्य और तकनीकी क्षमता का प्रदर्शन माना जा रहा है, जिसने रूस के सुदूर क्षेत्रों में भी अपनी पहुंच दिखाई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला न केवल रूस की सैन्य शक्ति को कमजोर करेगा, बल्कि शांति वार्ता में यूक्रेन की स्थिति को भी मजबूत करेगा।