पटना
हर वर्ष 8 मई को विश्व रेड क्रॉस दिवस मनाया जाता है, जो रेड क्रॉस आंदोलन के जनक और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता हेनरी ड्यूनांट की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस दिन को वैश्विक स्तर पर मानवता, सेवा और सहानुभूति की भावना को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। रेड क्रॉस की स्थापना 1863 में हुई थी और आज यह संगठन 190 से अधिक देशों में सक्रिय है। इसका उद्देश्य युद्ध, आपदा या संकट के समय ज़रूरतमंदों को बिना किसी भेदभाव के सहायता प्रदान करना है। लाल क्रॉस का प्रतीक अब पूरी दुनिया में चिकित्सा और मानवीय सेवा का प्रतिनिधित्व करता है।
विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर देशभर में रक्तदान शिविर, मुफ्त स्वास्थ्य जांच, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण और जनसेवा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने कहा कि रेड क्रॉस का मूल मंत्र "स्वेच्छा से सेवा" आज की दुनिया में पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। यह दिवस हमें यह याद दिलाता है कि मानवता की सेवा में कोई जाति, धर्म या सीमा बाधा नहीं बन सकती। आपातकालीन स्थितियों में एक-दूसरे की मदद करना ही सच्चे मानव धर्म की पहचान है। रेड क्रॉस दिवस एक प्रेरणा है, निरंतर सेवा, सहयोग और सद्भाव की।