कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि देश के हर संस्थान में सामाजिक अन्याय व्याप्त है। उन्होंने दावा किया कि 90 प्रतिशत आबादी वाले पिछड़े, दलित और अन्य श्रेणियों के सदस्य किसी भी प्रमुख पद पर नहीं हैं।
राहुल गांधी शनिवार को मध्य प्रदेश में प्रवेश करने के बाद अपनी 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के दौरान राज्य के शाजापुर में एक खुली जीप पर बैठकर एक सभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस देश में पिछड़े वर्ग के लोगों की आबादी कितनी है? यह 50 प्रतिशत है, फिर दलित 15 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति (एसटी) आठ प्रतिशत और अल्पसंख्यक 15 प्रतिशत हैं, जो कुल लगभग 90 प्रतिशत होता है। अब आप शीर्ष उद्योगपतियों और शीर्ष कंपनियों के प्रबंधन की सूची निकालें, तो आपको इस 90 प्रतिशत वर्ग से संबंधित एक भी व्यक्ति नहीं मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि मीडिया में भी यही स्थिति है। आपको पिछड़े, दलित या एसटी वर्ग से आने वाला एक भी बड़ा पत्रकार नहीं मिलेगा। टीवी एंकरों और मीडिया मालिकों के मामले में भी यही स्थिति है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह, यदि आप नौकरशाही को देखें, तो केंद्र में 90 आईएएस अधिकारी पूरे देश का बजट आवंटित करते हैं। मध्य प्रदेश में भी 60-70 आईएएस अधिकारी राज्य का बजट आवंटित करते हैं। अगर आप सूची पर नजर डालें तो आपको 90 फीसदी वर्ग का एक भी व्यक्ति नहीं मिलेगा। अगर कोई है भी तो वह छोटे बजट वाला कोई छोटा-मोटा मंत्रालय ही देख रहा होगा।
राहुल गांधी ने कहा कि सलिए इसे सामाजिक अन्याय कहा जाता है और यह हर संस्थान में हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसी तरह निजी अस्पतालों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के मालिकों की सूची में 90 फीसदी वर्ग का एक भी व्यक्ति नहीं मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि इन संस्थानों में आपको कोई दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक वर्ग का व्यक्ति नहीं मिलेगा।