नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।
मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि दिल्ली सरकार सोमवार, 11 नवंबर को 10,000 बस मार्शलों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करेगी। आतिशी ने कहा कि दिल्ली सरकार जल्द ही उपराज्यपाल वीके सक्सेना को उनकी स्थायी नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजेगी। शनिवार को मीडिया के साथ बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले चार महीनों तक बस मार्शल और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में योगदान देंगे। प्रदूषण वाले हॉट स्पॉट की निगरानी, खुले में कूड़ा जलाने से रोकने और शिकायतों पर कार्रवाई करने में बस मार्शल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
आतिशी कहा कि मार्शलों के लिए सोमवार से कॉल-आउट नोटिस जारी किए जाएंगे और वे विभिन्न डीएम कार्यालयों में पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के दो-तीन दिनों के भीतर प्रदूषण नियंत्रण प्रयासों के लिए तैनाती की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बस मार्शलों को चार महीने के लिए फिर से नियुक्त करने का फैसला यह साबित करता है कि भाजपा दिल्ली सरकार के काम में चाहे जितनी भी बाधा डालने की कोशिश करे, दिल्ली की जनता आखिरकार जीतती है और अरविंद केजरीवाल के मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार उनके लिए काम करना जारी रखती है। हर रुकी हुई परियोजना को इसी तरह पूरा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017-18 में, दिल्ली सरकार ने बसों में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने, डीटीसी बसों में यात्रा करने वाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बस मार्शलों को तैनात किया था। उन्होंने कहा कि इन बस मार्शलों का प्रभाव स्पष्ट है। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न की घटनाओं को रोका है,अपहरण के प्रयासों को विफल किया है और बुजुर्गों को सहायता प्रदान की है।हालांकि, भाजपा महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा और कम आय वाले परिवारों के 10,000 युवाओं को मार्शल के रूप में काम मिलने से नाखुश थी। परिणामस्वरूप, भाजपा ने अपने अधिकारियों के माध्यम से अप्रैल 2023 से इन मार्शलों के वेतन को रोकने की साजिश रची।
आतिशी ने आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली के मंत्रियों एवं पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा वेतन वितरित करने के बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद, भाजपा ने इसे रोक दिया। अक्टूबर 2023 में, उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि इन 10,000 बस मार्शलों और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों की नौकरी न रहे। एक साल से अधिक समय से, बस मार्शल और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवक सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और दिल्ली सरकार, उसके मंत्री और आम आदमी पार्टी के विधायक उनके साथ खड़े हैं। सड़क पर विरोध प्रदर्शन से लेकर पुलिस की बर्बरता और गिरफ्तारी का सामना करने तक, आम आदमी पार्टी (आप) विधायक और मंत्री मार्शलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उनकी लड़ाई में खड़े रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, आज दिल्ली सरकार ने अक्टूबर में भाजपा द्वारा बर्खास्त किए गए 10,000 से अधिक बस मार्शलों और नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को फिर से काम पर रखने का प्रस्ताव पारित किया है, उन्हें अगले चार महीनों के लिए प्रदूषण नियंत्रण कर्तव्यों को सौंपा गया है।