Saturday 09-May-2026

उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्मआरती के दौरान लगी आग, 14 पुजारी झुलसे; 8 अस्पताल में भर्ती

उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्मआरती के दौरान लगी आग, 14 पुजारी झुलसे; 8 अस्पताल में भर्ती

मध्य प्रदेश के उज्जैन के महाकाल मंदिर में सोमवार को भस्म आरती के दौरान आग लगने से सेवकों समेत 14 पुजारी झुलस गये। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें फोन किया और उनसे उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में आग लगने घटना में झुलस गये लोगों के हाल-चाल जाने। मुख्यमंत्री श्री अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सैम्स) पहुंचे और महाकालेश्वर मंदिर में आग की घटना में झुलस गये लोगों के हाल-चाल जाने।

उन्होंने बताया कि मैं अस्पताल में झुलसे लोगों के हाल-चाल जान रहा था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का फोन आया और उन्होंने झुलसे लोगों के हाल-चाल जाने। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी झुलसे लोगों की स्थिति के बारे में फोन पर जानकारी ली है।'एक्स' पर एक पोस्ट में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि उन्होंने इस घटना पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से बात की है। शाह ने लिखा कि स्थानीय प्रशासन घायलों के लिए सभी राहत सुनिश्चित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को सूचित किया गया है कि झुलसे लोगों की हालत नियंत्रण में है।

मुख्यमंत्री ने कहा,ये लोग 30 से 40 प्रतिशत के बीच झुलसे हैं। चिकित्सक उनका श्रेष्ठ उपचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाकालेश्वर मंदिर में होली पर भस्म आरती के दौरान गुलाल का प्रयोग बरसों से किया जाता रहा है, लेकिन दुर्भाग्य से इस बार गुलाल उड़ाए जाने के दौरान गुलाल गिरने से आरती की थाली पलटी और इससे लगी आग में मंदिर में मौजूद पुजारी और सेवक गण झुलस गए। उन्होंने कहा कि इस आशंका की जांच की जाएगी कि गुलाल में अभ्रक या कोई रसायन होने से तो आग नहीं भड़की।

उन्होंने कहा कि भगवान के आशीर्वाद से बड़ा हादसा टल गया है। लेकिन आग की घटना दुःखद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, कि पहली नजर में लग रहा है कि इस घटना के पीछे कोई षड्यंत्र नहीं है। जांच में सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और यदि कोई व्यक्ति हादसे का दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उज्जैन के जिलाधिकारी नीरज कुमार सिंह ने कहा कि आग सुबह करीब पांच बजकर 50 मिनट पर मंदिर के गर्भगृह में लगी। उन्होंने कहा, 14 पुजारी झुलस गए। कुछ का इलाज यहां जिला अस्पताल में किया जा रहा है, जबकि आठ ने इंदौर में इलाज की मांग की। घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। यह जांच जिला पंचायत सीईओ मृणाल मीना और अपर कलेक्टर अनुकूल जैन करेंगे। वे तीन दिन में रिपोर्ट सौंपेंगे। उन्होंने कहा, आग उस समय लगी जब गुलाल पूजा की थाली पर गिर गया, जिसमें जलता हुआ कपूर था। बाद में यह फर्श पर फैल गया जिससे आग फैल गई।

हालांकि भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि होली के रंगों से बचाने के लिए गर्भगृह की चांदी की दीवारों पर कपड़े लगाए जाते हैं और यह ज्ञात नहीं है कि क्या आग आरती की थाली पर गुलाल फेंकने से गिरने के बाद लगी या फिर गुलाल ने किसी रसायन के साथ प्रतिक्रिया की।

एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकार्ड हो गई है। पुजारी आशीष ने कहा, होली के अवसर पर एक अनुष्ठान के तहत गुलाल फेंके जाने के बाद आग लग गई। इससे पुजारी झुलस गए, जिन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। वहीं अधिकारियों ने कहा कि गर्भगृह के सामने नंदी हॉल में घटना के दौरान कुछ वीवीआईपी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, लेकिन भक्तों में से किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।