Monday 08-Dec-2025

पेरिस ओलंपिक में भारत को करारा झटका, पहलवान विनेश फोगाट हुईं डिसक्वालीफाई; नहीं मिलेगा मेडल

पेरिस ओलंपिक में भारत को करारा झटका, पहलवान विनेश फोगाट हुईं डिसक्वालीफाई; नहीं मिलेगा मेडल

नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।

Paris Olympic 2024: एक स्तब्ध करने वाले घटनाक्रम में विनेश फोगाट को महिलाओं की 50 किलो कुश्ती स्पर्धा के फाइनल से पहले वजन अधिक पाये जाने के कारण बुधवार को ओलंपिक से अयोग्य घोषित कर दिया गया। विनेश ने ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनकर इतिहास रचा था। सुबह तक उनका कम से कम रजत पदक पक्का लग रहा था लेकिन अब वह बिना किसी पदक के लौटेंगी। 29 वर्ष की विनेश को खेलगांव में पोली क्लीनिक ले जाया गया, क्योंकि सुबह उनके शरीर में पानी की कमी हो गई थी ।

एक भारतीय कोच ने कहा कि सुबह उसका वजन 100 ग्राम अधिक पाया गया। नियम इसकी अनुमति नहीं देते और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया है। अयोग्य घोषित होने के मायने हैं कि उन्हें खेलों से खाली हाथ लौटना होगा क्योंकि अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत वजन अधिक पाये जाने पर पहलवान आखिरी तालिका में अंतिम स्थान पर रहता है।

भारतीय ओलंपिक संघ ने बाद में विनेश के अयोग्य घोषित होने की पुष्टि करते हुए उनकी निजता का सम्मान करने के लिये कहा कि हमें यह खबर देते हुए खेद हो रहा है कि विनेश फोगाट महिला कुश्ती के 50 किलो वर्ग से अयोग्य घोषित कर दी गई है। पूरी रात टीम के अथक प्रयासों के बावजूद सुबह उसका वजन 50 किलो से अधिक पाया गया। इसमें कहा गया कि भारतीय दल इस समय कोई और बयान नहीं देगा। भारतीय टीम आपसे विनेश की निजता का सम्मान करने का अनुरोध करती है। भारतीय दल इस समय आगामी स्पर्धाओं पर फोकस करना चाहेगा।

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युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के नियमों के अनुसार पहलवान को वजन कराने की अवधि में कई बार अपना वजन कराने का अधिकार होता है। नियम के अनुसार अगर कोई खिलाड़ी पहली और दूसरी बार वजन कराने के समय उपस्थित नहीं होता या अयोग्य होता है तो उसे स्पर्धा से बाहर कर दिया जायेगा और वह आखिरी स्थान पर रहेगा। उसे कोई रैंक नहीं मिलेगी। भारतीय कुश्ती दल इस घटनाक्रम से मायूस है।

भारत के राष्ट्रीय महिला कोच वीरेंदर दहिया ने कहा कि हर किसी को लग रहा है मानो घर में कोई मर गया हो। हमें नहीं पता कि हमें क्या हुआ है। हर कोई सदमे में है। अगर पहलवान के शरीर का वजन भारवर्ग से अधिक है तो उस स्तर तक लाना काफी दर्दनाक प्रक्रिया है। विनेश के शरीर का वजन 56 . 57 किलो है और उसे 50 किलो तक आने में काफी प्रयास लगे। आमंत्रण टूर्नामेंट में यूडब्ल्यूडब्ल्यू दो किलो की छूट देता है लेकिन ओलंपिक, विश्व चैम्पियनशिप और एशियाई चैम्पियनशिप में नहीं।

वजन कम करने के लिये खिलाड़ी दो दिन तक खाना और पानी के बिना भी रह जाते हैं। मुक्केबाज निकहत जरीन ने पेरिस ओलपिक में हार के बाद कह था कि भारवर्ग में रहने के लिये उसने दो दिन तक खाना या पानी नहीं लिया जिससे वह कमजोरी महसूस कर रही थी।

विनेश ने पहले ही मुकाबले में मौजूदा चैम्पियन युइ ससाकी को हराया था। उन्हें फाइनल में अमेरिका की सारा एन हिल्डब्रांट से खेलना था। इससे पहले इटली की एमैन्युएला लियुजी को भी वजन अधिक पाये जाने के कारण पहले दौर का मुकाबला गंवाना पड़ा था।

प्रधानमंत्री ने बढाया हौसला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मामले में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा से तफ्सील से जानकारी ली और विभिन्न विकल्पों के बारे में भी पूछा । उन्होंने विनेश की मदद के लिये इस फैसले के खिलाफ सख्त विरोध दर्ज कराने के लिये भी कहा है। इससे पहले पीएम मोदी ने विनेश की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि वह भारत का गौरव हैं और उन्हें मजबूती से वापसी करनी है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि विनेश आप चैम्पियनों में चैम्पियन हो। आप भारत का गौरव हो और हर भारतीय के लिये प्रेरणास्रोत हो।

उन्होंने आगे लिखा कि आज के झटके से दुख पहुंचा है। काश मैं शब्दों में बता पाता कि इस समय कितना मायूस हूं। लेकिन मुझे पता है कि आप फिर वापसी करोगी। चुनौतियों का डटकर सामना करना आपके स्वभाव में है। मजबूती से वापसी करो। हम सभी आपके साथ हैं।