Thursday 30-Apr-2026

सपा सांसद अफजाल अंसारी को बड़ी राहत, 23 साल बाद कोर्ट ने किया बरी; संभल की घटना पर बोले- सबका हिसाब होगा

सपा सांसद अफजाल अंसारी को बड़ी राहत, 23 साल बाद कोर्ट ने किया बरी; संभल की घटना पर बोले- सबका हिसाब होगा

गाजीपुर, इंपैक्ट लाइव टीम।

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के सपा सांसद और मुख्तार अंसारी के बड़े भाई अफजाल अंसारी को शनिवार को सीजेएम कोर्ट ने बरी कर दिया। सांसद अफजाल अंसारी पर 23 साल पहले मुहम्मदाबाद विधानसभा में धरना प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ का आरोप लगा था। मामला 2001 में मोहम्मदाबाद तहसील में प्रदर्शन का है। प्रदर्शनकारियों ने तहसील में तोड़फोड़ की थी। इसी मामले में सीजेएम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। आज की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सांसद अफजाल अंसारी और अन्य को बरी कर दिया।

सांसद अफजल अंसारी ने इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए आज समाजवादी पार्टी के संभल जाने वाले डेलिगेशन को रोक दिए जाने के मामले पर बोलते हुए कहा कि संभल की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण रही। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के चुनाव में जो बड़े पैमाने पर बेईमानी हुई थी, उन घटनाओं से जनता का दिमाग हटाने के लिए पहले इस तरह की स्थिति बनाई गई कि घटना हो और उसके बाद इस तरह की कार्रवाई की गई।

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सपा सांसद ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में जिस तरह से फटकार लगाया है, लेकिन फिर भी बेशर्म लोगों को शर्म तक नहीं आती है और मनमानी करने पर उतारू हैं। यह देश के लोकतंत्र के लिए खतरे का संकेत है। उन्होंने कहा कि आज डेलिगेशन को रोक दिया गया है फिर भी आगे डेलिगेशन जाएगा। आज जो भी अधिकारी है उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ेगा, यह अंतिम सरकार नहीं है। इसके बाद भी सरकार आएगी। सत्ता में बैठे हुए लोग कोई स्थाई नहीं है। इनके चढाने पर जो गुनाह और अत्याचार हो रहा है सबका हिसाब होगा।

अफजाल अंसारी पर क्या था आरोप?
समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव की तरफ से 23 साल पहले 9 अगस्त 2001 को किए गए आह्वान पर प्रदेश बंद कार्यक्रम के दौरान गाजीपुर में सक्रिय सपा नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। सपा से तत्कालीन विधायक अफजाल अंसारी ने मंडी समिति से सैकड़ों की संख्या में लोगों के साथ जुलूस निकाला। साथ ही भीड़ को लेकर तहसील पहुंचे और मोहम्मदाबाद एसडीएम के कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी की। जानकारी के मुताबिक नारेबाजी के दौरान इन लोगों ने हंगामा करते हुए तोड़फोड़ की थी। सांसद अफजाल अंसारी ने बताया कि उस वक्त भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी और राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री हुआ करते थे।