Saturday 09-May-2026

बिहार टीचर ट्रांसफर को लेकर एस सिद्धार्थ ने लिया ये बड़ा फैसला

बिहार टीचर ट्रांसफर को लेकर एस सिद्धार्थ ने लिया ये बड़ा फैसला

पटना :-बिहार सरकार और शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की मांगों को ध्यान में रखते हुए तबादले की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया है। मार्च 2025 तक शिक्षा विभाग ने 10,225 शिक्षकों के तबादले की सूची जारी की थी, जिसमें 7,272 महिला शिक्षक शामिल थीं। अब अप्रैल 2025 में यह प्रक्रिया और तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, राज्य के लगभग 1.90 लाख शिक्षकों ने तबादले के लिए आवेदन किया था, जिनमें से कई को उनके पसंदीदा जिलों में स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है।शिक्षा  विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) एस. सिद्धार्थ ने हाल ही में घोषणा की कि जिन शिक्षकों को दूर-दराज के इलाकों में पोस्टिंग दी गई थी, उन्हें उनकी पसंद के नजदीकी स्थानों पर तबादला करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह कदम शिक्षकों की शिकायतों को देखते हुए उठाया गया है, क्योंकि कई शिक्षक अपनी पोस्टिंग से असंतुष्ट थे।तबादले   की पूरी प्रक्रिया ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन की जा रही है। शिक्षकों को अपने शिक्षक आईडी के जरिए आवेदन करना होता है। अब सॉफ्टवेयर आधारित तबादला प्रणाली शुरू की गई है, जिससे मैन्युअल हस्तक्षेप को खत्म किया जा सके और पारदर्शिता बनी रहे।कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित शिक्षकों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा, महिला शिक्षकों और विशेष परिस्थितियों वाले शिक्षकों के आवेदनों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।महिला शिक्षकों के लिए 30 किलोमीटर से अधिक और पुरुष शिक्षकों के लिए 50 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली पोस्टिंग को “नॉट ओके” विकल्प के तहत संशोधित करने का प्रावधान है। 30-70 किमी (महिला) और 50-100 किमी (पुरुष) के बीच की दूरी वाले तबादलों पर विचार किया जा रहा है।बीपीएससी और सक्षमता परीक्षा पास शिक्षकों के लिए आवेदन की समयसीमा 1 दिसंबर से 15 दिसंबर 2024 तक थी। अब अगले चरण में बचे हुए शिक्षकों के लिए नई सूची तैयार की जा रही है।शिक्षकों ने इस प्रक्रिया का स्वागत किया है, लेकिन कई का कहना है कि अभी भी बहुत से आवेदनों पर फैसला होना बाकी है। बिहार शिक्षक मंच जैसे संगठनों ने सोशल मीडिया पर #BiharTeachersNeedTransfer जैसे अभियानों के जरिए अपनी मांगें उठाई हैं। उनका कहना है कि दशकों से तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों को अब जल्द राहत मिलनी चाहिए।शिक्षा विभाग ने दावा किया है कि अप्रैल 2025 के अंत तक बड़ी संख्या में शिक्षकों को उनके नए विद्यालय आवंटित कर दिए जाएंगे। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आवेदनों की जांच तेज करें और स्कूल आवंटन की प्रक्रिया को पूरा करें। विभाग का कहना है कि यह कदम शिक्षकों को बेहतर कार्य वातावरण देने और बिहार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया जा रहा है।