नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।
बॉलीवुड एक्ट्रेस और हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कृषि कानून पर बयान देकर देश का सियासी पारा बढ़ा दिया। उन्होंने अपने बयान में ही उम्मीद जताई थी कि इस पर विवाद हो सकता है। कंगना के बयान को निजी बताते हुए बीजेपी ने बयान से किनारा कर लिया। आखिरकार विवाद बढ़ने के बाद बीजेपी सांसद ने अपना बयान को वापस ले लिया है।
कंगना रनौत ने वीडियो जारी कर कहा है कि पिछले बीतें कुछ दिनों में मीडिया ने किसान कानून से संबंधित कुछ सवाल किया और मैंने सुझाव दिया कि किसानों को किसान कानून वापस लाने के लिए प्रधानमंत्री जी से निवेदन करना चाहिए। मेरी इस बात से बहुत से लोग निराश हैं। जब ये आया था तब बहुत से लोगों ने समर्थन किया था, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री जी ने बड़े संवेदनशीलता से वापस ले लिया था। मेरे विचार अपने नहीं होने चाहिए, मेरी पार्टी का स्टैंड होना चाहिए। अगर अपनी सोच से किसी को निराश किया है तो मुझे खेद रहेगा। मैं अपने शब्द वापस लेती हूं।
#WATCH | BJP MP Kangana Ranaut says, "In the last few days the media asked me some questions on farmers' law and I suggested that the farmers should request PM Modi to bring back the farmers' law. Many people are disappointed and disheartened by my statement. When the farmers'… pic.twitter.com/i3O5n05718
— ANI (@ANI) September 25, 2024
वहीं बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि बीजेपी की ओर से ऐसा बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं और उनका बयान कृषि बिलों पर बीजेपी के दृष्टिकोण को नहीं दर्शाता है। वहीं, विपक्षी दलों ने इसे बीजेपी का छिपा एजेंडा बताया। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि उनके बयान से बीजेपी का हिडेन एंजेडा सामने आ गया है। इसके अलावा AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि पीएम मोदी को जवाब देना चाहिए। साथ ही सरकार में सहयोगी जेडीयू ने भी कंगना के बयान का विरोध किया।
दरअसल, मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में 3 कृषि कानून पारित किए थे, जिनका किसानों ने जमकर विरोध किया था। एक साल से भी ज्यादा समय तक किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर धरना प्रदर्शन किया था। इस दौरान कई किसानों की मौत होने के भी आरोप लगाए गए थे। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए साल 2021 में सरकार ने इन तीनों कानूनों को निरस्त करने का ऐलान किया था। पीएम मोदी ने किसान कानूनों को वापस लेते हुए कहा था कि मैं किसानों को समझा नहीं पाया, कहीं चूक हुई है।