कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए गलतबयानी की जिसके विरोध में विपक्ष को सदन से वाकआउट करना पड़ा। उन्होंने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में यह दावा भी किया कि झूठ बोलना और लोगों को भ्रमित करना प्रधानमंत्री मोदी की आदत बन गई है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब 20 घंटे हुयी चर्चा का जबाव देते हुये कहा कि हमारी संसदीय परंपरा में बहुत वषों बाद देश की जनता ने एक सरकार को तीसरी बार सेवा का मौका दिया है। 60 वर्षों के बाद फिर से एक ही सरकार की वापसी हुयी है। भारतीय लोकतंत्र में छह दशक की यह असामान्य घटना है। कांग्रेस का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने कहा कि देश के कुछ लोग इस विजय को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं लेकिन पिछले दो दिनों से यह देख रहा हूं कि पराजय भी स्वीकार हो रही है और विजय भी स्वीकार हो रही है।
वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हिंसा और नफ़रत फैलाने वाले भाजपा के लोग हिंदू धर्म के मूल सिद्धांतों को नहीं समझते। उन्होंने गुजरात में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं द्वारा कथित तौर पर पथराव किए जाने की निंदा करते हुए यह टिप्पणी की।
इससे पहले कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में मणिपुर के प्रति निष्ठुर व्यवहार दिखाया और कोई संवेदना नहीं जताई, जिसके कारण सदन में हंगामे की स्थिति बनी। पार्टी सांसद गौरव गोगोई ने मंगलवार को कहा कि अगर बाहरी मणिपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद को सदन में बोलने का मौका दिया जाता तो तो संसद से मणिपुर को लेकर एक अच्छा संदेश जा सकता था।