कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि अगर उनकी पार्टी केंद्र में सत्ता में आई तो किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा। भंडारा जिले के साकोली में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के लोगों को परेशान करने वाले मुख्य मुद्दे बेरोजगारी और महंगाई हैं, हालांकि मीडिया ने इन्हें नजरअंदाज करते हुए प्रधानमंत्री और मशहूर हस्तियों के कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में आने पर किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा।
राहुल गांधी ने केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, लोग बेरोजगारी और महंगाई से त्रस्त हैं। हालात ऐसे हैं कि जो कुछ हजार कमाते हैं तथा करोडो़ं रुपये कमाने वाले समान जीएसटी चुका रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों ने उनकी 'भारत जोड़ो' और 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के दौरान उनसे पूछा कि उन्हें अरबपति उद्योगपतियों की तरह ऋण माफी या कृषि उपज के लिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का लाभ क्यों नहीं मिल रहा है। राहुल गांधी ने कहा, हम एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी भी देंगे।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सत्ता में आने के बाद उनकी पार्टी जातिगत जनगणना कराएगी क्योंकि यह देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, देश में पिछड़े समूहों का प्रतिशत कोई नहीं जानता। दलितों, आदिवासियों और ओबीसी का सरकारी नौकरियों, नौकरशाही, मीडिया, शीर्ष 200 कंपनियों में आबादी के अनुपात के अनुसार प्रतिनिधित्व नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा, सत्ता में आने के बाद हम जाति जनगणना, आर्थिक और संस्थागत सर्वेक्षण कराएंगे ताकि पता लगाया जा सके कि देश की संपत्ति किसके पास है और इसका कितना हिस्सा दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों तथा अल्पसंख्यकों के पास है। जाति आधारित जनगणना क्रांतिकारी है। यह उल्लेख करते हुए कि आजादी के बाद से कांग्रेस ने हरित क्रांति, श्वेत क्रांति, आईटी क्रांति और बैंक राष्ट्रीयकरण की दिशा में काम किया है, उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद पार्टी ऐसे और कदम उठाएगी।