नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।
पूर्व भारतीय क्रिकेटर और टीम इंडिया के कोच रह चुके अंशुमान गायकवाड का 71 वर्ष की आयु में बुधवार देर रात निधन हो गया। गायकवाड लंबे समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से भारतीय क्रिकेट जगत में शोक की लहर है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने उनके इलाज के लिए 1 करोड़ रुपये की मदद की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंशुमान गायकवाड के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें प्रतिभाशाली खिलाड़ी कहा। उन्होंने एक्स पर लिखा कि अंशुमान गायकवाड का क्रिकेट में योगदान हमेशा याद किया जाएगा। वे एक उत्कृष्ट खिलाड़ी और शानदार कोच थे। उनके निधन की खबर से अत्यंत दुखी हूं। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
वहीं बीसीसीआई के सचिव जय शाह ने भी एक्स पर शोक प्रकट करते हुए लिखा कि अंशुमान गायकवाड के परिवार और मित्रों के प्रति मेरी गहन संवेदनाएं हैं। यह क्रिकेट जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
Shri Anshuman Gaekwad Ji will be remembered for his contribution to cricket. He was a gifted player and an outstanding coach. Pained by his demise. Condolences to his family and admirers. Om Shanti.
— Narendra Modi (@narendramodi) July 31, 2024
गायकवाड 1997 से 1999 तक भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रहे। उनकी कोचिंग में, टीम ने 2000 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में उपविजेता का स्थान प्राप्त किया। जबकि 1999 में फिरोजशाह कोटला में अनिल कुंबले ने पाकिस्तान के खिलाफ एक पारी में सभी 10 विकेट लेने का अनोखा रिकॉर्ड स्थापित किया, जो गायकवाड की कोचिंग के दौरान ही हुआ था। उनके मार्गदर्शन में टीम ने कई महत्वपूर्ण मैच जीते और खिलाड़ियों को निखारा।
अंशुमान गायकवाड ने अपने 22 साल के प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर में 205 मैच खेले। भारतीय टीम के लिए उन्होंने 40 टेस्ट और 15 वनडे मैचों में हिस्सा लिया। उनका टेस्ट डेब्यू 27 दिसंबर 1974 को कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ हुआ था और उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच 1984 में कोलकाता में इंग्लैंड के खिलाफ खेला। गायकवाड ने अपने टेस्ट करियर में 30.07 की औसत से 1985 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 10 अर्धशतक शामिल थे। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 201 रन था, जिसे उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ बनाया था।