इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह को अपहरण और फिरौती के एक मामले में मिली सजा पर रोक लगाने से शनिवार को इनकार कर दिया हालांकि अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर ली। जौनपुर की एमपी-एमएलए अदालत ने नमामि गंगे परियोजना के प्रबंधक अभिनव सिंघल के अपहरण एवं फिरौती मांगने के 2020 के मामले में धनंजय सिंह और उनके साथी संतोष विक्रम सिंह को छह मार्च 2024 को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी।
पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके साथी संतोष विक्रम सिंह ने जौनपुर की अदालत के फैसले को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने 24 अप्रैल को निर्णय सुरक्षित रख लिया था। धनंजय सिंह और उनके साथी संतोष विक्रम सिंह के खिलाफ जौनपुर के लाइन बाजार पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 364 (अपहरण), 386 (फिरौती), 506 (आपराधिक धमकी) और 120बी (षड़यंत्र) में मामला दर्ज किया गया था।
धनंजय सिंह को जौनपुर से बरेली जेल ले जाया गया
अपहरण और रंगदारी के मामले में सजा सुनाए जाने के बाद जौनपुर जेल में निरुद्ध पूर्व सांसद धनंजय सिंह को शनिवार को बरेली जेल स्थानांतरित कर दिया गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। धनंजय सिंह की पत्नी और जौनपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीकला रेड्डी जौनपुर संसदीय क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की उम्मीदवार हैं। धनंजय सिंह छह मार्च से जौनपुर के जिला कारागार में बंद थे। रंगदारी और अपहरण के एक मामले में जिले की एक अदालत ने उन्हें सात साल की सजा सुनाई है। जौनपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि शासन के आदेश का अनुपालन करते हुए सिंह को शनिवार को सुबह आठ बजे जौनपुर जिला कारागार से बरेली जेल ले जाया गया।
जौनपुर की जिला अदालत के न्यायाधीश शरद चंद्र त्रिपाठी ने धनंजय सिंह को अपहरण और रंगदारी के मामले में सात वर्ष की सजा सुनाई थी। वादी अभिनव सिंघल ने 10 मई 2020 को जिले के लाइन बाजार थाने में सिंह समेत दो लोगों के खिलाफ अपहरण और रंगदारी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
सूत्रों ने बताया कि धनंजय सिंह जेल के अंदर से चुनाव को कथित रूप से प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे और शासन ने इस बात को संज्ञान में लेते हुए उन्हें बरेली जेल स्थानांतरित कर दिया। उन्होंने बताया कि जिले के एक विधायक ने शासन को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि पूर्व सांसद क्षेत्र के लोगों को जेल में बुलाकर उन पर चुनाव में श्रीकला को समर्थन देने का दबाव डाल रहे हैं और ऐसे में उनका जिला जेल जौनपुर में रहना न्याय संगत नहीं है। सूत्रों ने बताया कि विधायक की बात को शासन ने संज्ञान में लेते हुए यह कार्रवाई की है। जौनपुर जिले से दो बार विधानसभा सदस्य रह चुके धनंजय सिंह (48) ने 2009 में बहुजन समाज पार्टी से लोकसभा का चुनाव जीता लेकिन उसके बाद उन्हें सफलता नहीं मिली।