Thursday 30-Apr-2026

बांग्लादेश में शांति बहाली को लेकर सरकार को मिला विपक्ष का साथ, राहुल गांधी बोले- हर तरह से देंगे समर्थन

बांग्लादेश में शांति बहाली को लेकर सरकार को मिला विपक्ष का साथ, राहुल गांधी बोले- हर तरह से देंगे समर्थन

नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।

कांग्रेस नेता तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि बांग्लादेश में शांति बहाली को लेकर वह सरकार को हर तरह से अपना समर्थन देंगे। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने बांग्लादेश के मुद्दे पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सरकार से विदेश नीति पर भी सवाल पूछा लेकिन कहा कि बांग्लादेश में जारी संकट को रोकने के लिए वह सरकार को समर्थन देंगे। राहुल गांधी ने सरकार की विदेश नीति और खासकर बंगलादेश की घटनाओं के लेकर सवाल किए लेकिन कहा कि राष्ट्रहित में जो भी कदम उठाए जाएंगे उनका वह समर्थन करेंगे। उन्होंने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि वहां अल्पसंख्यकों की स्थिति एक महत्वपूर्ण चिंता बनी हुई है, उनकी संपत्तियों पर हमलों की रिपोर्ट हैं।

वहीं, केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद भवन में एक सर्वदलीय बैठक में बांग्लादेश में राजनीतिक घटनाक्रम पर गहन चर्चा की तथा राष्ट्रीय आम सहमति कायम करने की कोशिश की। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बंगलादेश की मौजूदा स्थिति और बंगलादेश में सामने आ रहे हालात पर भारत के रुख के बारे में भी जानकारी दी। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में संसद भवन में हुई बैठक की तस्वीरें भी साझा कीं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में चल रहे घटनाक्रम के बारे में आज संसद में एक सर्वदलीय बैठक में जानकारी दी गयी। सर्वसम्मति से दिये गये समर्थन और समझ की सराहना करते हैं। बैठक में एस जयशंकर के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू , विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अन्य लोग शामिल हुये।

impact add1

सरकारी सेवाओं में आरक्षण को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अवामी लीग नेता एवं प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के एक दिन बाद यह बैठक हुई है, जिसके बाद बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वेकर-उज़्जमान ने सत्ता के सूत्र संभाल लिये हैं। इस बीच, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है, जिसमें बंगलादेश की राजनीतिक स्थिति और भारत पर इसके प्रभाव पर चर्चा कराने की मांग की गयी है।