Saturday 09-May-2026

75वें गणतंत्र दिवस पर पर महिला शक्ति, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन

75वें गणतंत्र दिवस पर पर महिला शक्ति, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन

भारत ने शुक्रवार को अपने 75वें गणतंत्र दिवस का जश्न मनाया और इस दौरान अपनी महिला शक्ति, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन किया। राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य समारोह का नेतृत्‍व किया वहीं फ्रांस के उनके समकक्ष इमैनुएल मैक्रों मुख्‍य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। भारत ने इस दौरान अपनी जिस सैन्य शक्ति का प्रदर्शन किया उसमें मिसाइल, युद्धक विमान, निगरानी उपकरण और घातक हथियार प्रणाली शामिल थे।

गणतंत्र दिवस परेड की शुरुआत राष्ट्रपति मुर्मू और मैक्रों के भारतीय राष्ट्रपति के अंगरक्षकों के साथ एक 'पारंपरिक बग्गी' में कर्तव्य पथ पर पहुंचने के बाद हुई। राष्ट्रपति मुर्मू ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया और इसके बाद राष्ट्रगान गाया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सहित वहां मौजूद सभी गणमान्य लोगों ने झंडे को सलामी दी। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कई अन्य केंद्रीय मंत्री, देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी, विदेशी राजनयिक और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। घने कोहरे के बावजूद बड़ी संख्या में दर्शक भी पहुंचे और इस राष्ट्रीय दिवस के साक्षात गवाह बने।

परेड के संपन्न होने के उपरांत मुर्मू और मैक्रों के रवाना होने के तुरंत बाद बहुरंगी 'बांधनी' प्रिंट का साफा पहने प्रधानमंत्री मोदी कर्तव्य पथ पर पैदल चले और वहां मौजूद लोगों की ओर हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया। वहां मौजूद लोगों में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई जब प्रधानमंत्री उनके निकट से गुजरे। इस दौरान लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए।

गणतंत्र दिवस समारोह के भव्य कार्यक्रम का गवाह बने मैक्रों विश्व के उन चुनिंदा नेताओं की सूची में शुमार हो गए जिन्होंने पिछले सात दशकों में देश के सबसे बड़े समारोह की शोभा बढ़ाई है। यह छठा मौका था जब कोई फ्रांसीसी नेता गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बना है।

राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के बाद स्वदेशी बंदूक प्रणाली 105-एमएम इंडियन फील्ड गन के साथ 21 तोपों की सलामी दी गई। फिर 105 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार एमआई-17 IV हेलीकॉप्टर ने कर्तव्य पथ पर उपस्थित दर्शकों पर फूलों की वर्षा की। पहली बार, परेड की शुरुआत 100 से अधिक महिला कलाकारों ने भारतीय संगीत वाद्ययंत्र बजाकर की। इन कलाकारों ने शंख, नादस्वरम, नगाड़ा आदि बजाते हुए मधुर संगीत के साथ परेड की शुरुआत की।