श्रीनगर, इंपैक्ट लाइव टीम।
जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों में कश्मीर क्षेत्र में नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और कांग्रेस गठबंधन को 47 सीटों में से 37 सीटों पर बढ़त मिल रही है, जबकि जम्मू क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 43 सीटों में से 27 सीटों पर आगे चल रही है। चुनाव आयोग के रुझानों के अनुसार, श्रीनगर क्षेत्र में एनसी और कांग्रेस 37 सीटों पर, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) चार, भाजपा एक और अन्य पांच सीटों पर आगे चल रहे हैं।
जम्मू क्षेत्र में, भाजपा 27 सीटों पर आगे चल रही है, एनसी और कांग्रेस गठबंधन 11 सीटों पर और अन्य पांच सीटों पर आगे चल रहे हैं। एनसी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला गंदेरबल और बडगाम दोनों सीटों से आगे चल रहे हैं। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती श्रीगुफवारा-बिजबेहरा सीट से पीछे चल रही हैं। पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन हंदवारा से आगे चल रहे हैं, जबकि कुपवाड़ा में पीछे चल रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के 90 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतगणना श्रीनगर और जम्मू में एक साथ सुबह आठ बजे शुरू हुई। प्रदेश में 43 महिलाओं सहित 873 उम्मीदवारों के राजनीतिक भाग्य का फैसला आज होगा।
#WATCH जम्मू-कश्मीर चुनाव 2024 में कांग्रेस के साथ पार्टी के गठबंधन को बढ़त मिलने पर श्रीनगर में JKNC कार्यकर्ता जश्न मना रहे हैं।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 8, 2024
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार JKNC ने 2 सीटें जीती हैं और अब तक 41 पर आगे है, जबकि कांग्रेस 7 सीटों पर आगे चल रही है। pic.twitter.com/a1sxKao5rf
एनसी और कांग्रेस ने गठबंधन में चुनाव लड़ा, जिसमें कांग्रेस ने 33 सीटों पर और एनसी ने 52 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। दोनों पार्टियों के बीच पांच सीटों पर दोस्ताना मुकाबला हुआ, जिसमें एक-एक सीट भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और जम्मू-कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी को दी गयी। एनसी और कांग्रेस दोनों ही विपक्षी इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं। पीडीपी ने सभी सीटों पर उम्मीदवार उतारे, जबकि भाजपा ने 62 सीटों पर चुनाव लड़ा, जिसमें कश्मीर घाटी में 19 उम्मीदवार थे। जबकि 346 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में थे। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनावों में, पीडीपी 28 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। बाद में इसने भाजपा के साथ गठबंधन सरकार बनाई। हालांकि, जून 2018 में, भाजपा ने अपना समर्थन वापस ले लिया, जिससे गठबंधन टूट गया और जम्मू-कश्मीर केंद्रीय शासन के अधीन आ गया।
यह एक दशक में जम्मू-कश्मीर में पहला विधानसभा चुनाव है, जो तीन चरणों में हुआ। 2014 के चुनावों में 65.52 प्रतिशत मतदान की तुलना में 63.45 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। गत 18 सितंबर को आयोजित पहले चरण में 24 सीटों पर मतदान हुआ, 25 सितंबर को दूसरे चरण में 26 सीटों पर मतदान हुआ और एक अक्टूबर को तीसरे और अंतिम चरण में शेष 40 सीटों पर मतदान हुआ। पिछले चुनावों के विपरीत, यह चुनाव शांतिपूर्ण रहा, जिसमें कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। एग्जिट पोल ने संकेत दिया है कि त्रिशंकु विधानसभा में एनसी-कांग्रेस गठबंधन को भाजपा पर बढ़त मिल सकती है।