दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ दायर की गयी याचिका शुक्रवार को वापस ले ली। इससे कुछ घंटे पहले उच्चतम न्यायालय ने आज ही इस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति जता दी थी। शीर्ष अदालत ने पूर्वाह्न 10 बजकर 45 मिनट पर कहा था कि तीन-सदस्यीय पीठ केजरीवाल की याचिका की सुनवाई आज दिन में करेगी, लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया और कहा कि वह शीर्ष अदालत से याचिका वापस लेने की अनुमति चाहते हैं, क्योंकि याचिकाकर्ता निचली अदालत में ईडी की हिरासत संबंधी अर्जी की सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखेंगे, उसके बाद उच्चतम न्यायालय में फिर से एक याचिका दायर करेंगे।
केजरीवाल की ओर से पहले प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ के समक्ष मामले का विशेष उल्लेख करते हुए त्वरित सुनवाई का अनुरोध किय गया। सिंघवी ने कहा कि उन्हें 'कुछ महत्व और तात्कालिकता' के मामले का उल्लेख करना है। उन्होंने कहा, ''अगर यह प्रक्रिया जारी रही, तो मुझे यह कहते हुए बहुत दुख हो रहा है कि पहला वोट डाले जाने से पहले, कई वरिष्ठ नेता सलाखों के पीछे होंगे। मैं आपसे सुनवाई के मध्य में या वाद सूची में शामिल सभी मामलों की सुनवाई के बाद अपने मामले पर विचार का अनुरोध करता हूं। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अदालत में तीन न्यायाधीशों की एक विशेष पीठ के समक्ष सिंघवी उस मामले का उल्लेख कर सकते हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा, विशेष पीठ लगभग सुनवाई पूरी कर चुकी है। इस पर न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, तब आप तुरंत न्यायमूर्ति खन्ना के पास जा सकते हैं और मामले का विशेष उल्लेख वहां कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा, आप उस पीठ के पास जाएं क्योंकि वह पीठ उपलब्ध है। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने सिंघवी से कहा, आप यह अवगत करा सकते हैं कि प्रधान न्यायाधीश ने इस मामले को न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अदालत को सौंपा है।
इसके बाद सिंघवी न्यायमूर्ति खन्ना की अदालत पहुंचे, लेकिन दिल्ली आबकारी नीति मामले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की नेता के. कविता की गिरफ्तारी और धनशोधन निवारण अधिनियिम (पीएमएलए) को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई के लिए गठित न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी की विशेष पीठ उठ चुकी थी।
उसके बाद सिंघवी ने न्यायमूर्ति खन्ना की अध्यक्षता वाली दो-सदस्यीय नियमित पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया। पीठ में न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता भी शामिल थे। न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा, कुछ समय बाद नियमित पीठ की सुनवाई समाप्त होने के उपरांत हम (विशेष पीठ) बैठेंगे।'' उन्होंने कहा कि तीन-सदस्यीय खंडपीठ केजरीवाल की याचिका की सुनवाई करेगी। सिंघवी ने अपराह्न में न्यायमूर्ति खन्ना की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय पीठ के समक्ष मामले का दोबारा उल्लेख किया और कहा कि वह याचिका वापस लेना चाहते हैं।