Saturday 02-May-2026

मुख्तार की मौत मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, परिजनों का स्लो पॉइजन देने का आरोप

मुख्तार की मौत मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, परिजनों का स्लो पॉइजन देने का आरोप

गैंगस्टर-राजनेता मुख्तार अंसारी की मौत पर विपक्षी दलों द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद शुक्रवार को मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए। अंसारी के परिवार ने आरोप लगाया है कि बांदा जेल में उन्हें 'धीमा जहर' दिया गया जिसके कारण उनकी मौत हो गई। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सुरक्षा अलर्ट के बीच डॉक्टरों के एक पैनल ने बांदा के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में शव का पोस्टमार्टम किया।

बांदा मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों के एक समूह द्वारा पोस्टमॉर्टम किए जाने के बाद मुख्तार अंसारी के शव को गाजीपुर जिले के मोहम्‍दाबाद यूसुफपुर स्थित उसके पैतृक निवास ले जाया जा रहा है, 26 गाड़ियों का काफिला शाम पौने पांच बजे गाजीपुर के लिए रवाना हो गया। इस काफिले में मौजूद मुख्तार के वकील नसीम हैदर ने बताया कि अंसारी का शव उसके छोटे बेटे उमर अंसारी, बहू निकहत अंसारी और दो चचेरे भाइयों के सुपुर्द किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस अधिकारियों की 24 गाड़ियां काफिले में हैं और दो गाड़ियां अंसारी के परिवार की हैं।

गाजीपुर के मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी विधायक मोहम्मद सुहैब अंसारी के अनुसार उनके चचा मुख्तार अंसारी को शनिवार सुबह 10 बजे यूसूफपुर मोहम्मदाबाद (गाज़ीपुर) के कालीबाग कब्रिस्तान में दफनाया जायेगा ।
बांदा के मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट (सीजेएम) भगवान दास गुप्ता की ओर से जारी आदेश के मुताबिक मामले की जांच के लिए गरिमा सिंह अपर मुख्‍य न्‍यायिक मजिस्‍ट्रेट (सांसद-विधायक अदालत बांदा) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

आदेश के मुताबिक वरिष्ठ अधीक्षक जिला कारागार बांदा द्वारा 28 मार्च को मुख्तार अंसारी की मौत के मामले की न्यायिक जांच के लिए अधिकारी नामित करने की याचना की गयी थी। सीजेएम ने नियुक्त जांच अधिकारी से एक माह के अंदर जांच आख्‍या मांगी है। इसके पहले महानिदेशक (कारागार) एसएन साबत ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि मामले की न्यायिक जांच होगी।

मुख्तार अंसारी को बृहस्पतिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद बांदा जिला जेल से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था, जहां दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई थी। मुख्तार के परिजनों ने अंसारी को जेल में धीमा जहर देने का आरोप लगाया था।

गाजीपुर के सांसद और मुख्तार के बड़े भाई अफजाल अंसारी ने कहा था कि मुख्तार ने बताया था कि करीब 40 दिन पहले भी उन्हें जहर दिया गया था और हाल ही में शायद 19 या 22 मार्च को फिर ऐसा किया गया, जिसके बाद से उनकी हालत खराब है। अफजाल ने कहा था कि 21 मार्च को बाराबंकी की अदालत में एक मामले की डिजिटल माध्यम से सुनवाई के दिन मुख्तार के वकील ने अदालत में दरखास्त दी थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि उनके मुवक्किल को जेल में धीमा जहर दिया गया है जिससे उनकी हालत बिगड़ती जा रही है।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने माफिया से नेता बने मुख्तार अंसारी की मौत के मामले की उच्‍च स्‍तरीय जांच की शुक्रवार को मांग की। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अंसारी का नाम लिए बिना शुक्रवार को पुलिस और न्यायिक अभिरक्षा में होने वाली मौतों पर सवाल उठाते हुए उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में जांच की मांग की।