नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह विवादों से घिरी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2024 से जुड़ी याचिकाओं पर 18 जुलाई को सुनवाई करेगा। प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार और नीट-यूजी का आयोजन करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शीर्ष अदालत के आठ जुलाई के निर्देश के अनुसार अपना-अपना हलफनामा दाखिल कर दिया है।
मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि अगर हम गलत काम करने वाले उम्मीदवारों की पहचान करने में सक्षम नहीं हैं, तो फिर से परीक्षा का आदेश देना होगा। अगर आप अनाज को भूसे से, दागी को बेदाग से अलग नहीं कर सकते, तो यह आदेश दिया जाना चाहिए।
सीजेआई की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि जब तक सरकार और उसकी एजेंसियां इस मामले में कोई ठोस सबूत नहीं देतीं, तब तक यह मान लेना गलत होगा कि सभी 23 लाख छात्र या उनमें से एक बड़ी संख्या धोखाधड़ी में शामिल थी। सीजेआई ने कहा कि जहां तक हम जानते हैं, बड़ी संख्या में छात्र ईमानदार हो सकते हैं। हालांकि बेंच ने परीक्षा रद्द होने पर दुख जताया था।