पटना: पटना ट्रैफिक पुलिस ने शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर और व्यवस्थित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण सर्वे करवाया है। इस सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार, पटना शहर में 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में औसतन 25 मिनट 12 सेकेंड का समय लग रहा है। सर्वे में यह भी सामने आया है कि शाम 6 बजे से 7 बजे के बीच शहर में वाहनों का दबाव सबसे अधिक होता है, जिसके कारण इस समय ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है।पटना ट्रैफिक पुलिस ने यह सर्वे कम्युनिटी ट्रैफिक पुलिस (एनसीसी उड़ान) की मदद से आयोजित किया। सर्वे की प्रेरणा अंतरराष्ट्रीय टॉम टॉम ट्रैफिक इंडेक्स से ली गई, जिसमें विश्व के विभिन्न शहरों के ट्रैफिक डेटा की तुलनात्मक जानकारी दी जाती है। टॉम टॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता में 10 किमी दूरी तय करने में 35 मिनट, दिल्ली में 23 मिनट और चेन्नई में 30 मिनट का समय लगता है। पटना में यह समय अन्य महानगरों की तुलना में मध्यम स्तर पर है, लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था को और बेहतर करने की जरूरत है।
सर्वे 31 मार्च से 10 अप्रैल 2025 तक किया गया। इस दौरान सुबह 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का अध्ययन किया गया। सर्वे में पटना के महत्वपूर्ण स्थानों को शामिल किया गया, जिनमें शामिल हैं:
• रेलवे स्टेशन: पटना जंक्शन, दानापुर स्टेशन, राजेंद्र नगर टर्मिनल आदि।
• पटना एयरपोर्ट।
• पर्यटक स्थल: बिहार म्यूजियम, गोलघर, बापू टावर, पटना साहिब।
• अस्पताल: आईजीआईएमएस, पीएमसीएच, एनएमसीएच, एम्स पटना।
• आपदा मोचन बल: राज्य और केंद्र स्तर के कार्यालय।
इन स्थानों के आसपास के प्रमुख मार्गों पर वाहनों की गति, ट्रैफिक का दबाव और जाम की स्थिति का विश्लेषण किया गया।सर्वे में शहर के 40 प्रमुख मार्गों का अध्ययन किया गया, जिसमें डाकबंगला और सगुना मोड़ को केंद्र बिंदु बनाया गया।• सबसे तेज रूट: जेपी गंगा पथ पर डाकबंगला से पटना सिटी गुरुद्वारा तक का मार्ग सबसे बेहतर रहा, जहाँ वाहनों की औसत गति 33.4 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई। इसके अलावा, डाकबंगला से एम्स तक वाहनों की गति 32 किमी प्रति घंटा रही।
• सबसे धीमा रूट: डाकबंगला से दिनकर गोलंबर तक का मार्ग सबसे खराब रहा, जहाँ वाहनों की औसत गति मात्र 12.9 किमी प्रति घंटा थी। वहीं, डाकबंगला से बैरिया बस स्टैंड तक गति 13.5 किमी प्रति घंटा रही।सर्वे में यह पाया गया कि शाम 6 से 7 बजे के बीच ट्रैफिक का दबाव चरम पर होता है। इस समय कार्यालयों और बाजारों से लौटने वाले लोग, स्कूल-कॉलेज की छुट्टी और अन्य गतिविधियाँ ट्रैफिक को प्रभावित करती हैं। इसके अलावा, कुछ मार्गों पर मेट्रो निर्माण कार्य और संकरी सड़कों के कारण भी जाम की स्थिति बनी रहती है। उदाहरण के लिए, जगनपुरा मोड़ पर मेट्रो निर्माण के कारण रास्ता संकरा होने से ट्रैफिक प्रभावित हो रहा है।पटना ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि जेपी गंगा पथ के पूर्ण रूप से चालू होने से शहर के ट्रैफिक में काफी राहत मिलेगी। इसके अलावा, सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक बिहार के किसी भी कोने से पटना तक का सफर 4 घंटे में पूरा हो सके। इस दिशा में सड़क और पुल परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।