प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'परिवार ना होने' को लेकर विपक्ष के हमले पर पलटवार करते हुए सोमवार को पूरे भारत को अपना परिवार करार दिया और अपने जीवन को एक 'खुली किताब' बताते हुए कहा कि लोगों की सेवा करने के सपने के साथ उन्होंने कम उम्र में ही घर छोड़ दिया था। तेलंगाना के आदिलाबाद में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने 'परिवारवादी दलों' पर हमला बोला और कहा कि उनके अलग-अलग चेहरे हो सकते हैं, लेकिन 'झूठ और लूट' का उनका चरित्र समान है। बता दें कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने रविवार को पटना में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष किया था।
लालू ने कहा था कि अगर नरेन्द्र मोदी के पास अपना परिवार नहीं है तो हम क्या कर सकते हैं। वह राम मंदिर के बारे में डींगें मारते रहते हैं। वह सच्चे हिंदू भी नहीं हैं। हिंदू परंपरा में बेटे को अपने माता-पिता के निधन पर अपना सिर और दाढ़ी मुंडवानी चाहिए। जब मोदी की मां की मृत्यु हुई तो उन्होंने ऐसा नहीं किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने लालू के इस आरोप पर सोमवार को पलटवार किया और कहा कि भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण में आकंठ डूबे 'इंडिया गठबंधन' के नेता बौखलाते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं इनके परिवारवाद पर सवाल उठाता हूं तो इन लोगों ने अब बोलना शुरू कर दिया है कि मोदी का कोई परिवार नहीं है। मैं इनसे कहना चाहता हूं कि 140 करोड़ देशवासी ही मेरा परिवार हैं, जिसका कोई नहीं है वो भी मोदी के हैं और मोदी उनका है। मेरा भारत-मेरा परिवार है।
उन्होंने कहा कि मेरा जीवन एक खुली किताब की तरह है। देश के लोग इसके बारे में जानते हैं। बचपन में जब मैंने घर छोड़ा था तो एक सपना लेकर निकला था कि देशवासियों के लिए जिऊंगा। इस देश के 140 करोड़ लोग मेरा परिवार हैं। मेरा भारत मेरा परिवार। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि परिवारवादी दलों का चेहरा अलग हो सकता है लेकिन उनका चरित्र एक ही है ...झूठ और लूट।