Saturday 09-May-2026

राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह भारतवर्ष के पुनर्निर्माण की शुरुआत : मोहन भागवत

राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह भारतवर्ष के पुनर्निर्माण की शुरुआत : मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि अयोध्या में रामलला का उनके जन्मस्थान में 'प्रवेश' और मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह 'भारतवर्ष के पुनर्निर्माण' के अभियान की शुरुआत होगी। भागवत ने यह भी कहा क भारतवर्ष का पुनर्निर्माण सद्भाव, एकता, प्रगति, शांति और सभी की भलाई के लिए जरूरी है। संघ प्रमुख ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक लेख में अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए 'हिंदू समाज के निरंतर संघर्ष' का उल्लेख किया और कहा कि इस विवाद पर 'टकराव और कड़वाहट' का अब अंत होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्षों के कानूनी संघर्ष के बाद उच्चतम न्यायालय ने 'सच्चाई और तथ्यों' की पड़ताल करने और मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद नौ नवंबर, 2019 को 'संतुलित' फैसला सुनाया। भागवत ने कहा कि 'धार्मिक' दृष्टिकोण से भगवान राम देश के बहुसंख्यक समाज के 'सबसे अधिक पूजे जाने वाले देवता' हैं और उन्हें आज भी पूरा समाज मर्यादा के प्रतीक के रूप में स्वीकार करता है। उन्होंने कहा कि इसलिए अब इस विवाद को लेकर पक्ष और विपक्ष में जो टकराव पैदा हुआ है, उसे खत्म किया जाना चाहिए। इस बीच जो कड़वाहट पैदा हुई है, उसे भी खत्म किया जाना चाहिए। समाज के प्रबुद्ध लोगों को यह देखना होगा कि यह विवाद पूरी तरह खत्म हो।

भागवत ने कहा कि अयोध्या का अर्थ है एक ऐसा शहर, जहां कोई युद्ध न हो, एक संघर्ष-रहित स्थान। इस अवसर पर, पूरे देश में अयोध्या का पुनर्निर्माण समय की मांग है और (यह) हम सभी का कर्तव्य भी है। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का अवसर 'राष्ट्रीय गौरव के पुनर्जागरण' का प्रतीक है। उन्होंने कहा, यह 'आधुनिक भारतीय समाज द्वारा श्रीराम के चरित्र के पीछे के जीवन दर्शन की स्वीकृति' का भी प्रतीक है। बता दें कि राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह 22 जनवरी को आयोजित किया जाएगा और इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भागवत और संतों सहित 7,000 से अधिक लोग शामिल होंगे।