पटना :-भारत की पुरुष सेपकतारा टीम ने पटना के पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित ISTAF सेपकतारा विश्व कप 2025 के फाइनल में जापान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह छह दिवसीय मेगा स्पोर्ट्स इवेंट मंगलवार को समाप्त हुआ, जिसमें भारतीय टीम ने नियमित श्रेणी (रेगुलर कैटेगरी) में शानदार प्रदर्शन करते हुए यह ऐतिहासिक जीत हासिल की। दूसरी ओर, महिला वर्ग में भारतीय टीम ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया और रजत पदक जीता।फाइनल मुकाबले में भारतीय पुरुष टीम ने जापान के खिलाफ कड़ा मुकाबला पेश किया। खेल के दौरान दोनों टीमों के बीच रोमांचक टक्कर देखने को मिली, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी कुशलता, तेजी और टीमवर्क का शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान को मात दी। इस जीत के साथ भारत ने सेपकटाकरा विश्व कप में अपनी बादशाहत साबित की। यह स्वर्ण पदक भारत के लिए इस खेल में एक बड़ी उपलब्धि है, जो दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में बेहद लोकप्रिय है।
महिला वर्ग में भारतीय टीम फाइनल में पहुंची, लेकिन स्वर्ण पदक से चूक गई। फाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद वे रजत पदक से संतोष करने में सफल रहीं। इससे पहले, युगल मुकाबलों में भी भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन फाइनल में वे स्वर्ण तक नहीं पहुंच सकीं। फिर भी, रजत पदक जीतकर टीम ने देश का मान बढ़ाया।इससे पहले, विश्व कप के युगल मुकाबलों में भी भारतीय टीम ने अपनी छाप छोड़ी थी। पुरुष वर्ग में भारत ने मलेशिया के साथ संयुक्त रूप से कांस्य पदक हासिल किया, जबकि स्वर्ण पदक थाईलैंड और रजत पदक म्यांमार के नाम रहा। वहीं, महिला युगल स्पर्धा में भारतीय टीम फाइनल में हार गई और रजत पदक जीता। पुरुष टीम को सेमीफाइनल में म्यांमार से हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन कांस्य पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।इस विश्व कप में भारत ने कुल पांच पदक अपने नाम किए, जिसमें पुरुष टीम का स्वर्ण और महिला टीम का रजत शामिल है। इसके अलावा, युगल स्पर्धाओं में भी भारत ने दो कांस्य और एक रजत पदक जीता। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि भारत इस पारंपरिक खेल में तेजी से उभर रहा है। सेपकटाकरा , जो वॉलीबॉल और फुटबॉल का एक संयोजन है, में खिलाड़ी अपने पैरों, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों का उपयोग करके गेंद को नेट के पार मारते हैं। इस खेल में भारत का यह प्रदर्शन भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत देता है।