Saturday 02-May-2026

स्वाति मालीवाल मारपीट केस में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, पूछा; क्या इस तरह के गुंडे को सीएम के घर में काम करना चाहिए?

स्वाति मालीवाल मारपीट केस में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, पूछा; क्या इस तरह के गुंडे को सीएम के घर में काम करना चाहिए?

नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार को आम आदमी पार्टी (आप) की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल पर कथित हमला करने के मामले में गुरुवार को दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया। शीर्ष अदालत ने सवाल किया कि क्या इस तरह के गुंडे को सीएम के घर में काम करना चाहिए। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे बर्ताव पर शर्म आती है कि महिला के साथ जबरदस्ती की गई।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति दिपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने जमानत के लिए याचिका दाखिल करने वाले बिभव कुमार का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी दलीलें सुनने के बाद दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और कहा कि अगली सुनवाई बुधवार को की जाएगी। पीठ ने सुनवाई के दौरान केजरीवाल के सहयोगी को फटकार लगाते हुए कहा कि वह दिल्ली के मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर हुई इस घटना से स्तब्ध हैं। बता दें कि इस साल की शुरुआत में आप सांसद स्वाति मालीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर कथित तौर पर हमला किया था।

पीठ ने सिंघवी से पूछा कि क्या सीएम आवास एक निजी बंगला है? क्या इस तरह के 'गुंडे' सीएम आवास में काम करने चाहिए? सिंघवी ने कहा कि स्वाती मालीवाल को लगी चोटें गंभीर नहीं थीं और इस मामले में 13 मई को घटना के तीन दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई थी। पीठ ने सिंघवी से यह भी पूछा कि आप के राज्यसभा सांसद मालीवाल ने हमले की घटना के दौरान पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल करके क्या संकेत दिया। पीठ ने कहा कि हम हर दिन कॉन्ट्रैक्ट किलर, हत्यारों, लुटेरों को जमानत देते हैं, लेकिन सवाल यह है कि किस तरह की घटना हुई। पीठ ने कहा कि जिस तरह से घटना हुई, उससे पीठ परेशान है। पीठ ने कहा कि उन्होंने (बिभव कुमार) ऐसा व्यवहार किया जैसे कोई 'गुंडा' सीएम के आधिकारिक आवास में घुस आया हो।