Saturday 09-May-2026

यह मेरे आदर्शों एवं सिद्धांतों का सम्मान : भारत रत्न मिलने पर आडवाणी ने कहा

यह मेरे आदर्शों एवं सिद्धांतों का सम्मान : भारत रत्न मिलने पर आडवाणी ने कहा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किए जाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह न केवल उनका, बल्कि उनके आदर्शों और सिद्धांतों का भी सम्मान है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को घोषणा की कि आडवाणी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा।

इस घोषणा के बाद आडवाणी (96) ने कहा कि यह एक व्यक्ति के रूप में न केवल उनका, बल्कि उन आदर्शों और सिद्धांतों का भी सम्मान है, जिनका पालन करने का उन्होंने प्रयास किया। आडवाणी ने एक बयान में कहा, ''मैं अत्यंत विनम्रता और कृतज्ञता के साथ आज मुझे दिए गए 'भारत रत्न' को स्वीकार करता हूं।''

भाजपा के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहे आडवाणी ने कहा, ''14 वर्ष की उम्र में आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) में शामिल होने के बाद से जीवन में मुझे जो भी जिम्मेदारी मिली, उसे निभाते हुए अपने प्रिय देश की समर्पित और निस्वार्थ सेवा करने में ही मुझे खुशी मिली।'' उन्होंने कहा कि जिस चीज ने उनके जीवन को प्रेरित किया है वह आदर्श वाक्य है: ''यह जीवन मेरा नहीं है। मेरा जीवन मेरे राष्ट्र के लिए है।'' आडवाणी ने कहा कि आज वह दो व्यक्तियों - पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी को कृतज्ञतापूर्वक याद कर रहे हैं, जिनके साथ उन्हें करीब से काम करने का मौका मिला।