Saturday 02-May-2026

राज्यसभा में हाथरस के पीडितों को दी गई श्रद्धांजलि, जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

राज्यसभा में हाथरस के पीडितों को दी गई श्रद्धांजलि, जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

राज्यसभा ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक सत्संग के दौरान मची भगदड़ से लोगों की मौत पर दुख जताया और मृतकों को श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही उच्च सदन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक ठोस तंत्र बनाए जाने की प्रतिबद्धता भी जताई। वहीं हाथरस में मची भगदड़ की घटना की जांच के लिए शीर्ष अदालत के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित करने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय में बुधवार को एक याचिका दायर की गई। गौरतलब है कि हाथरस में मंगलवार को एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ की इस घटना में 121 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।

बता दें कि यह हादसा उस समय हुआ जब फुलरई मुगलगढ़ी में साकार नारायण विश्वहरि उर्फ भोले बाबा सत्संग समाप्त करने के बाद बाहर निकल रहे थे। हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी शोक व्यक्त किया है।

कौन हैं 'भोले बाबा'
सूरजपाल सिंह उर्फ भोले बाबा कभी एलआईयू में खुफिया सूचनाओं के संग्रह किया करते थे। नौकरी से सूरजपाल का मोह भंग हुआ और 1997 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर नौकरी छोड़ दी। इसके बाद सूरजपाल भोले बाबा बन गए।

सत्संग में हुए हादसे की 5 बड़ी वजहें
1. उमस और गर्मी के कारण वहां से जल्दी निकलने की हड़बड़ी।
2. सत्संग में करीब सवा लाख लोग थे।
3. भोले बाबा का काफिला निकालने के लिए श्रद्धालुओं को रोका गया।
4. स्थानीय प्रशासन भीड़ का अंदाजा नहीं लगा सका और उसके हिसाब से इंतजाम नहीं किए गए।
5. कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था नहीं थी।