Saturday 09-May-2026

वेंकैया नायडू, मिथुन चक्रवर्ती, उषा उत्थुप और राम नाइक को पद्म पुरस्कार से नवाजा गया

वेंकैया नायडू, मिथुन चक्रवर्ती, उषा उत्थुप और राम नाइक को पद्म पुरस्कार से नवाजा गया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यहां राष्ट्रपति भवन में सोमवार को आयोजित एक समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिंदेश्वर पाठक समेत कई अन्य दिग्गज हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किये। नायडू, पाठक और प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना पद्मा सुब्रमण्यम को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। पाठक को मरणोपरांत यह पुरस्कार दिया गया जिसे उनकी पत्नी अमोल ने प्राप्त किया। अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती, गायिका उषा उत्थुप, उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल राम नाइक और उद्योगपति सीताराम जिंदल को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। समारोह में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

गुजरात निवासी हृदय रोग विशेषज्ञ तेजस मधुसूदन पटेल, अनुभवी मराठी फिल्म निर्देशक दत्तात्रेय अंबादास मयालू उर्फ राजदत्त और कालाजार पर अनुसंधान और नीति में अपने योगदान के लिए विश्व स्तर पर मशहूर प्रतिष्ठित चिकित्सक चंद्रेश्वर प्रसाद ठाकुर को पद्म भूषण दिया गया। पद्मश्री पुरस्कार पाने वालों में उत्तर प्रदेश के कालीन बुनकर खलील अहमद, मध्य प्रदेश के लोक गायक कालूराम बामनिया, बांग्लादेशी गायिका रेजवाना चौधरी बान्या और उत्तर प्रदेश की चिकनकारी कढ़ाई की कलाकार नसीम बानो शामिल हैं।

पश्चिम बंगाल के कूच बिहार की राजबोंगशी लोक गायिका गीता रॉय बर्मन, टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना, त्रिपुरा के आध्यात्मिक व्यक्तित्व चित्त रंजन देबबर्मा, बैंकर कल्पना मोरपारिया, परोपकारी किरण नादर, हरियाणा के सामाजिक कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह और उत्तर प्रदेश की लोक गायिका उर्मिला श्रीवास्तव को भी पद्म श्री पुरस्कार दिया गया। पद्म पुरस्कार समारोह में कुछ दिल छू लेने वाले पल भी देखने को मिले। ऐसा ही एक क्षण था जब असम के प्रसिद्ध लोक नर्तक द्रोण भुइयां राष्ट्रपति से पद्म श्री प्राप्त करने के लिए रेड कार्पेट पर चलते समय अपना आभार व्यक्त करने के लिए ओजापाली और देवधानी नृत्य का प्रदर्शन करने लगे। अपने बैठने की जगह पर लौटते समय वह मोदी के पास गए और उनके पैर छुए, जिसका प्रधानमंत्री ने भी जवाब दिया।

भुइयां असम के दरांग जिले के एक प्रमुख ओजापाली और देवधानी नर्तक हैं, जहां वह महाकाव्यों और पुराणों की कहानियों का प्रदर्शन करके एक हजार साल पुरानी परंपरा को संरक्षित करने के लिए काम कर रहे हैं। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों - पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री- में प्रदान किया जाता है। ये पुरस्कार विभिन्न विषयों या गतिविधियों के क्षेत्रों में दिए जाते हैं जिनमें कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा समेत अन्य क्षेत्र शामिल हैं।

पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए, पद्म भूषण उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए और पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की जाती है। वर्ष 2024 के लिए राष्ट्रपति ने 132 पद्म पुरस्कार प्रदान करने की मंजूरी दी थी, जिसमें दो युगल मामले (युगल मामले में पुरस्कार की गिनती एक के रूप में होती है) शामिल हैं।

इस सूची में पांच पद्म विभूषण, 17 पद्म भूषण और 110 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। पुरस्कार विजेताओं में से 30 महिलाएं हैं। इस सूची में विदेशी/अनिवासी भारतीय/भारतीय मूल के व्यक्ति/ओसीआई श्रेणी के आठ लोग और नौ मरणोपरांत पुरस्कार विजेता भी शामिल हैं। करीब आधे पुरस्कार विजेताओं को सोमवार को पुरस्कार प्रदान किए गए, शेष को अगले सप्ताह पुरस्कार से सम्मानित किये जाने की संभावना है।