प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस को 'वोट बैंक की भूखी' पार्टी करार देते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि वह देश में धर्म के आधार पर आरक्षण लागू करना चाहती है। प्रधानमंत्री मोदी ने अंबिकापुर में एक चुनावी सभा में कांग्रेस के घोषणापत्र पर मुस्लिम लीग की छाप होने का आरोप दोहराते हुए कहा कि जब संविधान बन रहा था तब बाबा साहब आंबेडकर के नेतृत्व में यह तय किया गया था कि देश में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होगा।
उन्होंने आरोप लगाया, लेकिन वोट बैंक की भूखी कांग्रेस ने कभी इन महापुरुषों की बातों की परवाह नहीं की, संविधान की पवित्रता की बात नहीं की, बाबा साहब आंबेडकर के शब्दों की परवाह नहीं की। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस ने बरसों पहले आंध्र प्रदेश में धर्म के आधार पर आरक्षण देने का प्रयास किया था और उसने कर्नाटक में धर्म के आधार पर आरक्षण लागू भी कर दिया था, लेकिन जब वहां भाजपा सरकार आई तो “हमने कांग्रेस के इस संविधान विरुद्ध निर्णय को उखाड़ कर फेंक दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा, लेकिन कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने एक और पाप किया। मुस्लिम समुदाय में जितनी भी जातियां हैं, सबको उन्होंने ओबीसी कोटे में डालकर ओबीसी बना दिया। यानी जो हमारे ओबीसी समाज को लाभ मिलता था उसका बड़ा हिस्सा कट गया। पीएम मोदी ने दावा किया कि कर्नाटक का यही मॉडल कांग्रेस पूरे देश में लागू करना चाहती है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस संविधान बदलकर एससी (अनुसूचित जाति), एसटी (अनुसूचित जनजाति), ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) का हक अपने वोट बैंक को देना चाहती है।