पटना, इंपैक्ट लाइव टीम।
भारतीय महिला हॉकी टीम के कोच हरेंद्र सिंह। बिहार की माटी के लाल। छपरा के एकमा के रहने वाले हैं। द्रोणाचार्य अवार्डी हरेन्द्र सिंह अमेरिका के पुरूष हॉकी टीम को कोच के रूप में प्रशिक्षण दे चुके हैं। उससे पहले भारतीय हॉकी टीम के कोच के रूप में 1997 से हरेन्द्र ने कैरियर की शुरूआत की। इस दौरान उनके प्रशिक्षण में भारत ने कुल 11 गोल्ड मेडल बटोरने में सफल रहे हैं।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने हरेंद्र के मार्गदर्शन में 2018 में ओमान के मस्कट में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में स्वर्ण पदक जीता था। उनके मार्गदर्शन में टीम ने भुवनेश्वर 2018 पुरुष विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया। पुरुष टीम ने 2018 चैंपियंस ट्रॉफी में रजत और 2018 एशियाई खेलों में कांस्य पदक भी हासिल किया। हरेंद्र के मार्गदर्शन में भारतीय महिला टीम ने भी 2017 एशिया कप में गोल्ड जीता था। उन्हें राष्ट्रीय जूनियर टीमों को कोचिंग का अनुभव भी हासिल है। उनके मार्गदर्शन में भारत ने 2016 पुरुष जूनियर विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता।
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हरेंद्र को जूनियर और सीनियर स्तर की राष्ट्रीय टीमों को 350 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों में कोचिंग का अनुभव है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके मार्गदर्शन में टीमों ने आठ स्वर्ण, पांच रजत और नौ कांस्य स्वर्ण पदक जीते है। और एक बार फिर हरेंद्र सिंह की टीम ने महिला एशिया चैंपियन ट्रॉफी पर अपना कब्ज़ा जमाया है।
हर खिलाड़ी को 10-10 लाख देगी बिहार सरकार
बिहार सरकार ने भारतीय महिला हॉकी टीम की हर खिलाड़ी को 10 लाख रुपये का पुरस्कार देने का फैसला किया। फाइनल मैच के बाद जारी बयान में कहा गया कि टीम की हर खिलाड़ी को टूर्नामेंट के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 10 लाख रुपये मिलेंगे। मुख्य कोच हरेंद्र सिंह को 10 लाख, जबकि शेष सहयोगी स्टाफ को 5-5 लाख रुपये मिलेंगे।