नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।
Paris Paralympics 2024: भारतीय एथलीट प्रवीण कुमार ने शुक्रवार को पुरुषों की ऊंची कूद टी64 के फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में टोक्यो रजत पदक विजेता प्रवीण कुमार (टी44) ने 2.08 मीटर की अपनी व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ स्वर्ण पदक जीता। इसी के साथ ही प्रवीण ने क्षेत्रीय और एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया। पेरिस पैरालंपिक में अब भारत के कुल छह स्वर्ण पदक हो गए।हैं। वहीं भारत के कुल पदकों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है।
जेवर से लगभग 6 किमी दूर यमुना के खादर स्थित गोविंदगढ़ गांव के प्रवीण कुमार को प्रज्ञान पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान 2016 से ऊंची कूद का शौक लगा था। जिसके बाद स्कूल ने 2016 से ही प्रवीण कुमार को स्कूल और उसके बाद जिला स्तर पर खिलाया। इन प्रतियोगिताओं में लगातार जीत हासिल करने के बाद प्रवीण ने 2017 में छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित 22वें सीबीएसई क्लस्टर और उसके बाद नेशनल एथलेटिक्स मीट में स्वर्ण पदक हासिल किया। जिसमें प्रवीण ने 1.84 मीटर की छलांग लगाई।
2018 में प्रवीण कुमार को स्कूल की तरफ से खेलो इंडिया के तहत विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भेजा गया जहां लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। वर्ष 2019 में दुबई में आयोजित सीनियर वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीत के साथ ही प्रवीण कुमार का चयन टोक्यो में होने वाले पैरालंपिक 2020 के लिए हुआ और उन्होंने रजत पदक जीता। अब पेरिस में प्रवीण ने स्वर्ण जीता है।
प्रवीण कुमार भी कोराना संक्रमण से अछूते नहीं रहे। मार्च में दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को देख कोच सतपाल सिंह ने प्रवीण को गांव भेज दिया। यहां आते ही वह कोरोना संक्रमित हो गए। 21 दिनों तक क्वारंटीन रहने के बाद प्रवीण ने अभ्यास जारी रखा और टोक्यो में भारत को रजत पदक दिलाया था।