सुप्रीम कोर्ट ने 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या मामले में मौत की सजा पाए 28 वर्षों से जेल में बंद प्रतिबंधित बब्बर खालसा के सदस्य 57 वर्षीय बलवंत सिंह राजोआना की दया याचिका पर फैसला करने के लिए केंद्र सरकार को सोमवार को चार सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के सचिव को सोमवार को निर्देश दिया कि वह 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में मृत्युदंड की सजा पाए बलवंत सिंह राजोआना से संबंधित दया याचिका दो सप्ताह के भीतर फैसला करने के अनुरोध के साथ उनके (राष्ट्रपति) समक्ष पेश करें। न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने राजोआना की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह और 16 अन्य की करीब 29 साल पहले हुई हत्या के मामले में मौत की सजा पाए प्रतिबंधित बब्बर खालसा सदस्य बलवंत सिंह राजोआना (57 वर्ष) को अंतरिम राहत देने से सोमवार को इनकार कर दिया।