राष्ट्रपति ने कहा कि देश विकास के पथ पर आगे बढ रहा है और दुनिया रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में हमारे विकास को स्वीकार कर रही है। भारत भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के उद्देश्य से सशस्त्र बलों को तैयार रखने के लिए स्वदेशीकरण और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि हमारा संविधान एक जीवंत और प्रगतिशील दस्तावेज है। देश के दूरदर्शी संविधान निर्माताओं ने बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप नये विचारों को अपनाने की व्यवस्था प्रदान की थी। देश ने संविधान के माध्यम से सामाजिक न्याय और समावेशी विकास से संबंधित कई महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल किए हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि साहित्य मानवता को सशक्त बनाता है और समाज को बेहतर बनाने के साथ साथ उसे नवजीवन देता है। एक कार्यक्रम के दौरान द्रौपदी मुर्मु ने साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले लेखकों को सम्मान प्रदान किये।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया है कि सरकार की भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त कर देगी। राष्ट्रपति ने शुक्रवार को सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि भारतीय समाज में ईमानदारी और अनुशासन को जीवन का आदर्श माना जाता है।
राष्ट्रपति सुबह गोवा में नौसेना वायु स्टेशन आईएनएस हंसा पहुंची। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी और पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय जे सिंह ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति के आगमन पर उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।