उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित सदी का सबसे बड़ा आयोजन महाकुम्भ में दो बड़ी दुर्घटनाओं के बाद अब प्रशासन अलर्ट मोड में आ गयी है। पहली दुर्घटना मेला क्षेत्र में आग लगना और दूसरी दुर्घटना भगदड़ और दुबारा से अगलगी के बाद प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती तीसरे और आखिरी अमृत स्नान के जो वसंत पंचमी के दिन होगा उसकी है। इस चुनौती से निपटने के लिए जिला प्रशासन और मेला प्रशासन के अफसरों ने उच्च स्तर की तैयारी की है। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए जोन के हिसाब से प्लान तैयार किया है जिसे पूरी तरह लागू किया जायेगा और साथ ही उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों से भी समन्वय स्थापित किया जायेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार जैसे ही मेला क्षेत्र में भीड़ भड़ेगी तो श्रद्धांलुओं को शहर के बाहर रोका जायेगा। जैसे भी भीड़ नियंत्रित होंगी और कम होंगी तभी शहर के बाहर से और अन्य जिलों से श्रद्धालुओं को छोड़ा जायेगा जिससे किसी भी तरह से भीड़ अनियंत्रित ना हो और भगदड़ ना मचे। इन सब व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग विभिन्न जगह बनाये गए कंट्रोल रूम से किया जायेगा। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रयाजराज के आपसपास के जिलों को निर्देश दिया गया है की वो इस चीज में पूरा सहयोग करें।
संगम पर बढ़ते भीड़ पर रहेगी प्रशासन की नजर :- त्रिवेणी संगम पर बढ़ते भीड़ और भीड़ के दबाव पर प्रशासन विशेष नजर रखेगी। अगर कोई भी व्यक्ति रात को स्नान करेगा उसे रात के वक्त की वहां से हटाया जायेगा। इस चीज का अभ्यास मेला प्रशासन द्वारा गुरुवार को भी किया गया। इस दौरान मौके पर कई पुलिस अफसर और महिला CRPF टीम वहां मौजूद दिखे। इस अभ्यास के दौरान किसी भी व्यक्ति को संगम में पांच मिनट से अधिक नहीं रहने दिया गया। सभी को समय के अनुसार तत्काल प्रभाव से बाहर निकाला जाता रहा। इसी बिच घुड़सवार पुलिस दल के द्वारा भीड़ को वहां से हटाया गया। ऐसा ही नियम वसंत पंचमी के दिन अमृत स्नान के दौरान लागू किया जायेगा जिससे भीड़ का दबाव कम को और किसी भी प्रकार से भगदड़ ना मचे।
महाकुम्भ में विभिन्न जगह CCTV कैमरे लगाए गए हैँ जिससे भीड़ पर नजर रखा जा सके।