प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान मंगलवार और बुधवार की रात लगभग 1.30 बजे संगम तट पर भगदड़ मच गई, जिसमें 14 से 17 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, और 50 से अधिक लोग घायल हो गए हालांकि, प्रशासन ने मौत या घायलों की संख्या को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है,उन्होंने कहा कि "श्रद्धालु संगम पर ही स्नान करने न सोचे गंगा हर जगह पवित्र है इसलिए वे जहां है वहीं स्नान करे, उन्होंने संतो से भी बातचीत की" वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि " वीआईपी कल्चर और सरकारी लापरवाही के कारण भगदड़ मची है"
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस घटना पर चिंता जताई उन्होंने कहा कि" प्रयागराज में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है,उसमें जिन श्रद्धालुओं ने अपने परिवार को खोया है उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं उसके साथ ही मै सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा हुआ है,इस सिलसिले में मैने मुख्यमंत्री योगी जी से बातचीत की है और लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हूँ"
वहीं समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी इस घटना को लेकर महाकुंभ के प्रबंधन को सेना को सौंपने की मांग की है,
अमृत स्नान की वजह से ज्यादातर पांटून पुल बंद थे जिसके कारण संगम पर पहुंचने वालों की करोड़ों में भीड़ इकठ्ठा होती चली गई जिससे बैरिकेड्स में फंसकर कुछ लोग गिर गए ,यह देखकर भगदड़ की अफवाह फैल गई , और साथ ही संगम तट पर एंट्री और एग्जिट के रास्ते अलग अलग नहीं थे ,ऐसे में लोगों को जब भगदड़ मची तो भागने का मौका नहीं मिला एक दूसरे के ऊपर गिरते चले गए।