Thursday 19-Feb-2026

महाकुंभ का 34वां दिन: श्रद्धालुओं का सैलाब, सफाई में बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड |

महाकुंभ का 34वां दिन: श्रद्धालुओं का सैलाब, सफाई में बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड |

पटना:- प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ का शनिवार को 34वां दिन है, और आस्था की लहर के बीच संगम  पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है। आज सुबह 10 बजे तक करीब 54.67 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में पवित्र स्नान किया। भीड़ इतनी अधिक है कि शहर के कई जगहों पर भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। रविवार को भी इसी तरह बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

पिछले 33 दिनों में महाकुंभ में 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं, जिससे यह आयोजन ऐतिहासिक बन गया है। 45 दिन तक चलने वाले इस महाकुंभ के अभी 12 दिन और बाकी हैं। इस बार का महाकुंभ अब तक का सबसे बड़ा आयोजन माना जा रहा है और इतिहास में इसे एक नया रिकॉर्ड के रूप में देखा जा रहा है,श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आज घाटों की सफाई के लिए 15,000 से अधिक सफाई कर्मी एक साथ अभियान चलाएंगे, जिससे स्वच्छता का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनने की संभावना है। इससे पहले, वर्ष 2019 में आयोजित कुंभ में 10,000 सफाई कर्मियों ने सफाई अभियान में हिस्सा लिया था। इस बार सफाई अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया गया है।

शनिवार को महाकुंभ में कई बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक चेहरे भी शामिल होंगे। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देव सहित कई अन्य प्रमुख नेता और मंत्री इस पावन अवसर पर संगम पहुंच रहे हैं।

महाकुंभ में श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। शुक्रवार को लखनऊ में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में सीएम योगी ने आदेश दिया कि सीनियर अधिकारी खुद सड़कों पर उतरकर व्यवस्थाओं की निगरानी करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी भी स्थान पर जाम की स्थिति बनती है, तो वहां के संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

महाकुंभ में श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए यातायात, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता जैसी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया गया है। प्रशासन की ओर से अतिरिक्त पुलिस बल, यातायात व्यवस्था में सुधार, और स्वास्थ्य सेवाओं की तैनाती की गई है।

महाकुंभ के अंतिम 12 दिनों में और भी अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

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