इम्पैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विवाद चरम पर पहुंच गया है। विपक्षी महागठबंधन ने इस प्रक्रिया को वोटबंदी करार देते हुए 9 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इस आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए पटना पहुंचेंगे। यह उनका पिछले छह महीनों में बिहार का सातवां दौरा होगा, जो महागठबंधन की रणनीति और बिहार चुनाव की सरगर्मी को दर्शाता है।
निर्वाचन आयोग ने 24 जून को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का आदेश जारी किया, जिसका मकसद अयोग्य मतदाताओं, विशेष रूप से नेपाल, बांग्लादेश, और म्यांमार से अवैध प्रवासियों, के नाम हटाना बताया गया। हालांकि, विपक्ष ने इसे गरीब, दलित, और प्रवासी मजदूरों को मतदान के अधिकार से वंचित करने की साजिश करार दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, बीजेपी और निर्वाचन आयोग मिलकर बिहार के करोड़ों लोगों को उनके वोटिंग अधिकार से वंचित करना चाहते हैं।महागठबंधन ने विशेष गहन पुनरीक्षण को जनाधिकार का मुद्दा बनाते हुए 9 जुलाई को बिहार बंद का ऐलान किया है। राहुल गांधी पटना में राजभवन तक मार्च का नेतृत्व करेंगे, जिसमें हजारों कार्यकर्ताओं और नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। X पर कई पोस्ट्स में इस बंद को चुनाव आयोग के तुगलकी फरमान के खिलाफ महायुद्ध बताया गया है। राहुल गांधी ने हाल ही में गोपाल खेमका हत्याकांड को लेकर नीतीश कुमार और बीजेपी पर निशाना साधा था, बिहार को भारत की क्राइम कैपिटल करार देते हुए। इस बंद के जरिए वे कानून-व्यवस्था और मतदाता अधिकारों को जोड़कर एनडीए सरकार को घेरने की कोशिश करेंगे।विपक्ष के इस आंदोलन को राजनीतिक नौटंकी करार दिया है। लोजपा (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने कहा, राहुल गांधी हार का बहाना ढूंढ रहे हैं। बिहार की जनता उनकी नौटंकी समझ चुकी है।एनडीए ने यह भी दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण एक नियमित प्रक्रिया है, जिसे विपक्ष अनावश्यक रूप से विवादित बना रहा है।दूसरी ओर, आरजेडी की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने लोगों से विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए दस्तावेज न दिखाने की अपील की, इसे बीजेपी का वोट चुराने का हथकंडा बताया। कांग्रेस ने एक विशेष समिति गठित की है, जो मतदाता सूची में अनियमितताओं को रोकने के लिए काम करेगी।
राहुल गांधी का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब उनकी तस्वीर वाले सैनिटरी पैड को लेकर बिहार में सियासी तूफान मचा हुआ है। कांग्रेस की प्रियदर्शिनी उड़ान योजना के तहत 5 लाख महिलाओं को मुफ्त सैनिटरी पैड बांटने की घोषणा की गई थी, जिनके पैकेट पर राहुल की तस्वीर थी। एनडीए ने इसे महिलाओं का अपमान बताया, जबकि कांग्रेस ने वायरल वीडियो को फर्जी करार देकर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।9 जुलाई को प्रस्तावित बिहार बंद से राज्य में यातायात और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। महागठबंधन ने इसे जननायक राहुल गांधी के नेतृत्व में एक बड़े आंदोलन के रूप में पेश किया है। पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।