इम्पैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार में बढ़ते अपराध को नियंत्रित करने के लिए बिहार पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने आज एक बड़ी पहल की घोषणा की है। पटना में आज आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में डीजीपी ने अपराध नियंत्रण के लिए नई रणनीतियों और कड़े कदमों की रूपरेखा पेश की। इस बैठक में सभी जोनल आईजी, डीआईजी, और जिला पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। यह पहल बिहार में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने और अपराधियों पर नकेल कसने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
पटना के पुलिस मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में डीजीपी विनय कुमार ने बिहार में अपराध की स्थिति पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अपराधियों को अब किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।डीजीपी ने पहले ही 1,172 कुख्यात अपराधियों की अवैध संपत्तियों की पहचान कर ली है, जिन्हें जल्द ही जब्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी। यह कदम अपराधियों के आर्थिक ढांचे को कमजोर करने के लिए उठाया जा रहा है।डीजीपी ने उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है, जो सरकारी गवाह के रूप में कोर्ट में गवाही देने में लापरवाही बरतते हैं। ऐसी स्थिति में उनकी सैलरी रोकने का आदेश दिया गया है। इसके लिए एक विशेष वेबसाइट पर गवाहों का पंजीकरण भी शुरू किया जाएगा।हाल ही में बिहार पुलिस में 21,391 नए सिपाहियों की भर्ती की गई है, जिसमें 11,178 महिलाएं शामिल हैं। डीजीपी ने बताया कि जल्द ही 19,838 और सिपाहियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी, साथ ही 4,360 ड्राइवरों की नियुक्ति भी होगी। इससे पुलिस बल की ताकत बढ़ेगी और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।डीजीपी ने अपराध नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीकों, जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता और एआई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, के उपयोग पर जोर दिया। हाल ही में आंध्र प्रदेश पुलिस की तर्ज पर बिहार पुलिस भी एआई आधारित अपराध रोकथाम और जांच प्रक्रिया को अपनाने की दिशा में काम कर रही है।
डीजीपी विनय कुमार के निर्देश पर 28-29 जून को बिहार पुलिस ने राज्यव्यापी अभियान चलाया, जिसमें 1,196 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस अभियान में 96 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया, साथ ही शराब, हथियार, स्मैक और एक मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया। यह अभियान अपराध नियंत्रण में एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।इसके अलावा, डीजीपी ने बताया कि 2004 की तुलना में 2024 में बिहार में हत्याओं की संख्या में कमी आई है। हालांकि, कुछ जिलों में हाल के दिनों में अपराध की घटनाओं ने चिंता बढ़ाई है, जिसके लिए नई रणनीति अपनाई जा रही है।