पटना, इंपैक्ट लाइव टीम।
बिहार सरकार में ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी की एक कविता से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। अशोक चौधरी वैसे तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफी करीबी माने जाते हैं, लेकिन उनके हालिया पोस्ट को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। अशोक चौधरी के पोस्ट को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जोड़कर देखा जा रहा है। अशोक चौधरी ने सोशल मीडिया मंच एक्स हैंडल पर 'बढ़ती उम्र में इन्हें छोड़ दीजिए' टाइटल से एक कविता पोस्ट की है। अशोक चौधरी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक कविता लिखा है। कविता कुछ इस तरह से है... एक उम्र के बाद कोई आपको न पूछे या कोई पीठ पीछे आपके बारे में गलत कह रहा है तो दिल पर लेना, छोड़ दीजिए... अपने हाथ कुछ नहीं, ये अनुभव आने पर भविष्य की चिंता करना, छोड़ दीजिए।
अपनी पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा है कि यदि इच्छा और क्षमता में बहुत फर्क पड़ रहा है तो खुद से अपेक्षा करना छोड़ दीजिए। हर किसी का पद, कद, मद, सब अलग है, इसलिए तुलना करना छोड़ दीजिए।' बढ़ती उम्र में जीवन का आनंद लीजिए, रोज जमा खर्च की चिंता करना छोड़ दीजिए. उम्मीदें होंगी तो सदमे भी बहुत होंगे. यदि सुकून से रहना है तो उम्मीदें करना छोड़ दीजिए।
सूत्रों के अनुसार अशोक चौधरी के इस पोस्ट से जेडीयू नेतृत्व नाराज है। सीएम आवास पर उन्हें तलब किया गया। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने सफाई दी है कि उनके पोस्ट का राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने दूसरे संदर्भ में अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया है। यह किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं था। गौरतलब है कि पिछले दिनों जहानाबाद में उन्होंने भूमिहार समाज को लेकर भी बयान दिया था, जिस पर काफी बवाल मचा था। हालांकि बाद में उन्होंने सफाई दी थी कि भूमिहार समाज के लिए उन्होंने कुछ नहीं कहा था, उन्होंने तो कुछ नेताओं को लेकर टिप्पणी की थी।