नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।
दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख एवं पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद और उनके बेटों तेजस्वी यादव एवं तेज प्रताप यादव को ‘नौकरी के बदले जमीन’ से जुड़े धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में सोमवार को जमानत दे दी। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने आरोपियों को एक-एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत देते हुए कहा कि जांच के दौरान उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया था। जमानत मिलने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि यह मामला राजनीतिक है। वहीं तेजस्वी के इस बयान पर बीजेपी ने करारा हमला बोला।
बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि यह बहुत स्पष्ट मामला है, उन्हें जमानत मिल गई है लेकिन सभी का जेल जाना तय है। तेजस्वी यादव को अपने पिता से पूछना चाहिए कि उन्हें जमीन की इतनी जरूरत क्यों थी कि उन्होंने अपने कर्मचारियों से जमीन लिखवा ली। उस समय बीजेपी सत्ता में नहीं थी, लालू जी थे। उन्हें अपने पिता से पूछना चाहिए कि जब वह देश के रेल मंत्री थे तो उन्हें पैसे का इतना लालच क्यों था कि उन्होंने गरीबों से जमीन लिखवाई। यह बहुत स्पष्ट मामला है, उन्हें जमानत मिल गई है लेकिन सभी का जेल जाना तय है।
#WATCH दिल्ली: भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने राजद नेता तेजस्वी यादव के बयान पर कहा, "तेजस्वी यादव को अपने पिता से पूछना चाहिए कि उन्हें जमीन की इतनी जरूरत क्यों थी कि उन्होंने अपने कर्मचारियों से जमीन लिखवा ली। उस समय भाजपा सत्ता में नहीं थी, लालू जी थे... उन्हें अपने पिता से पूछना… https://t.co/kbFsgQVeVn pic.twitter.com/XBUGdvDfdW
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 7, 2024