पटना, इंपैक्ट लाइव टीम।
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मिथिला को लेकर बड़ा बयान दिया। राबड़ी देवी ने कहा कि मैथिली भाषा में संविधान के अनुवाद करना ठीक है, लेकिन प्रधानमंत्री को मिथिला को राज्य बनाना चाहिए। राबड़ी देवी की इस मांग के बाद बिहार की सियासत गरमाने लगी है। बुधवार को विधानसभा परिसार में पत्रकारों से बात करते हुए राबड़ी देवी ने कहा कि संविधान का मैथिली में अनुवाद किया गया है, यह अच्छी बात है। इसको लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दे रहे हैं। हम चाहते हैं कि मिथिला अलग राज्य बने।
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने वफ्फ बोर्ड संशोधन विधेयक को लेकर एनडीए पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हम लोग वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक का विरोध करते रहेंगे। यह कानून गलत है। राबड़ी देवी ने बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने एनडीए के नेताओं का नाम लिये बिना कहा कि वह लोग भी बिहार में रहते हैं। हम लोग भी बिहार में रहते हैं, बिहार की जो कानून व्यवस्था है वह पूरी तरह से गड़बड़ा गई है।
राबड़ी देवी
— CA Anup Maithil (@MaithilAnup) November 27, 2024
मिथिला राज्य बनना चाहिए। pic.twitter.com/v1tAkv1ePh
राबड़ी देवी ने विधान परिषद में मैथिली भाषा पर चर्चा के दौरान यह मांग उठाई। उनके इस बयान से सदन में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। सत्ता पक्ष मैथिली भाषा को संविधान में शामिल करने पर केंद्र सरकार को धन्यवाद दे रहा था। तभी राबड़ी देवी ने कहा, 'केंद्र और बिहार, दोनों जगह आपकी सरकार है। आपने मैथिली भाषा को सम्मान दिया, यह अच्छी बात है। लेकिन मिथिला को अलग राज्य बनाने की मांग को भी स्वीकार कर लेना चाहिए।'